
रांची: झारखंड सरकार और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) राज्य में उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कर आगे की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप स्कीम फॉर कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत झारखंड राज्य के लिए कुल 1,878 विद्यार्थियों का कोटा तय किया गया है।
इस संबंध में जैक के अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने बताया कि पिछले वर्षों में प्रचार-प्रसार की कमी के कारण राज्य का कोटा खाली रह जाता था। इसे ध्यान में रखते हुए, उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (CUJ) समेत राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों से आवेदन कराने का आग्रह किया है। वर्ष 2026 में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस विषयों में टॉप 20 पर्सेंटाइल के अंतर्गत आने वाले सभी मेधावी छात्र, जिन्होंने वर्ष 2024 या उसके बाद उत्तीर्णता हासिल की है, नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (scholarships.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ‘डीबीटी’ (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।
तीन सरकारी कॉलेजों का आधुनिकीकरण
इसी क्रम में राज्य के तकनीकी शिक्षा संस्थानों के कायाकल्प के लिए झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सिंदरी, पलामू और बोकारो के आधुनिकीकरण एवं ढांचागत विकास के लिए 15 करोड़ 44 लाख 31 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, खूंटी के बिरहू अंचल में प्रस्तावित ‘नॉलेज सिटी’ के लिए चिह्नित भूमि की चारदीवारी निर्माण हेतु 2 करोड़ 31 लाख 62 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है।
रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और जेएसएसी भवन का रास्ता साफ
विभाग ने झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में 8 करोड़ 71 लाख रुपये तथा झारखंड स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल (JSHEC) व जेएसएसी भवन के अत्याधुनिक भवन निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के तकनीकी व उच्च शिक्षा ढांचे को राष्ट्रीय स्तर का बनाना है, ताकि झारखंड के युवाओं को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संसाधन प्राप्त हो सकें।

