आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गयी स्याही, कार्यकर्ताओं ने कहा आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा कथित अनियमितताओं के विरोध में 14वें दिन छात्रों का आंदोलन तेज, विधानसभा मार्च के दौरान आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने से विवाद गहराया।

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रांची : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रांची पहुंचीं। AISA के नेतृत्व में छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। मार्च के दौरान पुलिस की रोक-टोक के बीच हंगामा हुआ। इसी दौरान नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं ने अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक समेत सामने आई शिकायतों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करायी जाए। आंदोलनकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

आइसा कार्यकर्ता और छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की बात सामने आई। AISA कार्यकर्ताओं ने घटना का विरोध करते हुए इसे आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताया और कार्रवाई की मांग की। नेहा बोरा ने कहा कि राज्य के छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहरायी।

JPSC और JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले 14 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी में युवा वर्षों का समय और पैसा लगाते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य पर सीधा असर डालती है। आंदोलनकारी पूरे मामले की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और अभ्यर्थियों के हित में ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद AISA नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्याही फेंकने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन के दौरान इस तरह की घटना गंभीर है। वहीं, पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। घटना को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विधानसभा सत्र के दौरान छात्रों के इस मार्च और नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना ने JPSC-JSSC विवाद को फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। विपक्ष पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सरकार पर हमलावर है। ऐसे में विधानसभा के बाहर हुए इस घटनाक्रम से आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।