Child-Lifting Gang Busted: झारखंड सरकार ने अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बार फिर साबित कर दिया है कि जो कहा जाता है, वह किया भी जाता है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह के पर्दाफाश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया गया था और सरकार ने उसे पूरा करके दिखाया है।
इस कार्रवाई से राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।
खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश
दरअसल, Ranchi Police ने एक ऐसे संगठित और खतरनाक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो बच्चों का अपहरण कर उन्हें भीख मंगवाने, देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में धकेलता था।
यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और मासूम बच्चों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस की इस सफलता को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
SIT की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री, DGP तदाशा मिश्रा और CID ADG मनोज कौशिक के निर्देश पर एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई थी।
इसी टीम ने लगातार छापेमारी (Raid) कर इस नेटवर्क को तोड़ने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई के दौरान कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस गिरोह का हिस्सा थे।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विरोधी खेरवार, एंथोनी खेरवार, प्रमोद कुमार, आशिक गोप, राज रवानी, नव खेरवार, सोनी कुमारी, चांदनी देवी, सीता देवी, दिनू भुइयां, संन्यासी खेरवार, मालिन देवी, बेबी देवी, सोनिया देवी और उपैया खेरवार शामिल हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है और कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं।
बिहार और बंगाल तक फैला Network
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के तार बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैले हुए हैं।
आरोपियों ने स्वीकार किया है कि कुछ बच्चों को औरंगाबाद (बिहार) और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में बेचा गया था। पुलिस अब उन बच्चों की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की कोशिशों में जुटी हुई है।
और भी खुलासों की संभावना
SSP राकेश रंजन ने बताया कि यह नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें और लोगों की भूमिका हो सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में SIT लगातार छापेमारी कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।


