

रांची: झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय ने पुलिसकर्मियों के आचरण और उनके सम्मान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन अनुशासनहीनता या किसी भी तरह के असंवैधानिक आचरण का समर्थन नहीं करता है।





राकेश पाण्डेय ने कहा कि पुलिस एसोसिएशन अपने सदस्यों के आत्मसम्मान, अधिकार और कल्याण के लिए हमेशा खड़ा रहा है। पुलिस बल में अनुशासन और नियम-कायदे की स्पष्ट व्यवस्था है। अगर कोई पुलिस पदाधिकारी या कर्मी आम नागरिक के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है या दुर्व्यवहार करता है, तो विभागीय जांच के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों का सम्मान जरूरी, लेकिन पुलिसकर्मियों का मनोबल भी महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का पद बेहद महत्वपूर्ण और सम्मानजनक है। पुलिस बल जनप्रतिनिधियों का सम्मान करता है, लेकिन सम्मान और शिष्टाचार दोनों तरफ से होना चाहिए।
राकेश पाण्डेय के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ तीखी बहस, दबाव बनाने की कोशिश या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल उसके मनोबल पर असर डाल सकता है।
पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद पर जोर
पुलिस एसोसिएशन का कहना है कि उसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों के कल्याण के साथ-साथ आम जनता की सेवा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। संगठन पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद, शिष्टाचार और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाले सुझावों का स्वागत करता है।
राकेश पाण्डेय ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि पुलिसकर्मियों के कठिन सेवा-परिवेश और उनकी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए उनका मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में सुधार के साथ जवानों के मनोबल को बनाए रखना भी जरूरी है।
