
राजनीति के पंडितों को भी नहीं था उनकी उम्मीदवारी का अंदेशा
रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार के रुप में पूर्व मंत्री और झामुमो के केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष वैद्यनाथ राम की घोषणा करके चौंका दिया है। अब वे आठ जून को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पार्टी नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। चूंकि झामुमो के पास एक सीट पर जीत के लिए पर्याप्त आंकड़ा है तो वैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है। शनिवार को झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की। गौरतलब है कि मीडिया के गलियारे में झामुमो के राज्यसभा उम्मीदवार के रुप में अंजनी सोरेन और कल्पना सोरेन के नाम की चर्चाएं थीं। लेकिन झामुमो ने परिवार से किसी को उम्मीदवार बनाने से परहेज किया है। झामुमो नेताओं ने कहा है कि पार्टी दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी लेकिन अभी तक दूसरे उम्मीदवार के नाम की पार्टी ने घोषणा नहीं की है। झामुमो के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई सीट को वैद्यनाथ राम भरेंगे। वैद्यनाथ राम झारखंड के कद्दावर दलित नेताओं में शामिल हैं। उधर भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं है कि पार्टी अपना प्रत्याशी उतारेगी या फिर निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में परिमल नथवाणी को अपना समर्थन देगी।

