
रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में चिकित्सा अधीक्षक का पद पिछले लगभग छह वर्षों से रिक्त होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस संबंध में रिम्स के निदेशक को एक पत्र भेजकर चिकित्सा अधीक्षक के पद पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि चिकित्सा अधीक्षक का पद रिम्स प्रशासन का अत्यंत महत्वपूर्ण पद है। अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं तथा विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन में इस पद की अहम भूमिका होती है। इसके बावजूद लंबे समय से इस पद पर नियमित नियुक्ति नहीं की गई है और प्रभार के आधार पर चिकित्सकों से कार्य लिया जा रहा है।
सांसद प्रतिनिधि सह जीबी सदस्य राजकिशोर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि रिम्स में अन्य कई महत्वपूर्ण पदों पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। हाल के दिनों में दंत चिकित्सा संस्थान के प्राचार्य, प्राध्यापक, अपर प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, वरीय रेसिडेंट, प्रशासनिक पदाधिकारी, आंतरिक वित्तीय सलाहकार, प्रधान लिपिक और कार्यालय अधीक्षक जैसे पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित कर नियुक्तियां की गई हैं। इसके विपरीत चिकित्सा अधीक्षक के पद पर नियुक्ति को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि इतने महत्वपूर्ण पद को लंबे समय तक प्रभार के भरोसे चलाना संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर सकता है। नियमित नियुक्ति नहीं होने से पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। मांग की गई है कि रिम्स प्रबंधन जल्द से जल्द चिकित्सा अधीक्षक के रिक्त पद के लिए विज्ञापन जारी कर नियमित नियुक्ति सुनिश्चित करे। इससे अस्पताल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।

