कोरोनारोधी वैक्सीन की कमी झेल रहा झारखंड, धीमी पड़ी वैक्सीनेशन की रफ्तार

रांची: झारखंड में कोरोनारोधी वैक्सीन का संकट बरकरार है। इस वजह से राज्य के कई इलाकों में टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।

केंद्र सरकार से झारखंड को वैक्सीन के अब तक 76 लाख 54 हजार 340 डोज प्राप्त हुए हैं।

इनमें कोवैक्सीन के 13 लाख 80 हजार 480 डोज और कोविशील्ड के 62 लाख 73 हजार 860 डोज शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार झारखंड में आठ जुलाई तक 75 लाख 46 हजार 708 लोगों को वैक्सीन का डोज लगा दिया गया है।

इनमें 62 लाख 99 हजार 832 लोगों को पहला डोज और 12 लाख 46 हजार 876 लोगों को दूसरा डोज लगाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार झारखंड में वैक्सीन के कुल 27 हजार 240 डोज बर्बाद हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में कोविशील्ड के कुल 29 हजार 270 डोज उपलब्ध हैं। साथ ही कोवैक्सीन के कुल 17 हजार 940 डोज उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 15 जुलाई तक झारखंड को तीन लाख से ज्यादा डोज केंद्र सरकार से प्राप्त होंगे।

रांची जिला में शुक्रवार को सात वैक्सीनेशन सेंटरों पर टीकाकरण किया गया। रांची को वैक्सीन के सिर्फ एक हजार डोज ही मिले थे।

शुक्रवार को शहर के बहुत ही कम केंद्रों पर टीकाकरण हुआ। लोगों को निराश होकर टीकाकरण केंद्रों से लौटना पड़ रहा है।

इस वजह से प्रोजेक्ट हाउस, हाई कोर्ट, विधानसभा, एजी ऑफिस, मिलिट्री हॉस्पिटल और बंदोबस्त कार्यालय में ही टीकाकरण किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के नोडल पदाधिकारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने बताया कि वैक्सीन की मांग को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि हमें जल्द से जल्द वैक्सीन के और डोज प्राप्त हो जायेंगे।

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