पूजा सिंघल पतली दाल और सूखी रोटी मिलने पर जेल कर्मचारियों पर भड़कीं, मच्छरदानी मांगी, पर नहीं दी गई, तीन कैदियों ने उठाया पूजा के सभी काम का जिम्मा

News Aroma Media
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रांची: मनी लाउंड्रिंग (Money Laundering) के आरोप में एक बार फिर से जेल की सलाखों के पीछे पहुंची निलंबित खान सचिव पूजा सिंघल अब बुरी तरह फंस चुकी हैं।

प्रवर्तन निदेशालय की कोर्ट में सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में आठ जून तक के लिए जेल भेज दिया गया है। अब वे होटवार के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में कैदी नंबर 1187 कहलाएंगी।

बहरहाल, मनी लाउंड्रिंग मामले में इन दिनों झारखंड में हर दिन नए खुलासे और नए-नए अधिकारी ईडी की गिरफ्त में आते जा रहे हैं।

ऐसे में झारखंड के अन्य अधिकारी इस बात को लेकर भयभीत हैं कि कहीं उनके यहां भी ईडी दबिश न दे दे।

नाश्ते में गुड़-चने से हुई पूजा की शुुरुआत

दोपहर में नहाने के बाद से पूजा अपनी सेल में ही लेटकर और बैठकर रहीं। रात के समय जब खाना, मिला तो सूखी रोटी, दाल और सब्जी देख फिर भड़क गईं।

जेलकर्मियों से पूछा ये क्या सूखी रोटी दे रहे हो। दाल इतना पतला क्यों है। सब्जी में हल्दी तक नहीं है। इस पर उनके लिए खाना लाने वाली कैदी बोली, मैडम यहां ऐसा ही खाना मिलता है।

कैदी की बातें सुन पूजा चुपचाप खाना लेकर बैठ गईं। एक दो टुकड़े खाईं और पानी पीकर जेल के चारों ओर टहलने लगीं। जेल की कैंटीन, बाथरूम, मंदिर सहित अन्य जगहों पर घूमी।

इसके बाद वापस अपने सेल में जाकर सो गईं। सुबह उन्हें गुड़ और चना नाश्ते में दिया गया। जेल भेजी गई पूजा सिंघल की अब आठ जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ईडी कोर्ट में पेशी होगी।

कैदी नंबर 1187 बनीं निलंबित पूजा सिंघल

फिलहाल पूजा जेल में कैदी नंबर 1187 के टैग से जानी जाएंगी। उन्हें जेल में बंद पूर्व मंत्री एनोस एक्का की पत्नी मेनोन एक्का के बगल वाले सैल में रखा गया है।

पूजा सिंघल को एक छोटा सा कमरा दिया गया है। उस सेल में पहले से तीन महिला कैदी हैं। उस सेल के एक ओर मेडिसिन व दूसरी साइड वाले कमरे में एनोस एक्का की पत्नी मौजूद हैं।

तीन कैदियों पूजा के सभी काम करने का जिम्मा भी उठाया

जेल में पहले से कैद तीन महिला कैदियों ने पूजा सिंघल के जेल पहुंचते ही आवभगत शुरू कर दी।

इन तीनों महिला कैदियों ने उनके सभी तरह के काम करने की जिम्मेदारी भी उठा ली है। तीनों ने कपड़े धोने, भोजन लाकर देने समेत अन्य कामों में उनकी मदद करने का भरोसा दिलाया है।

मच्छरदानी मांगी, पर नहीं दी गई

पूजा सिंघल के जेल में पहुंचते ही उनके सेल की साफ-सफाई कराई। वहां पर मच्छर मारने वाली अगरबत्ती भी जलाई गई।

रात में सोते समय पूजा सिंघल ने जेल के कर्मचारियों से मच्छरदानी की मांग भी की, लेकिन उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराने से मना कर दिया गया।

पूजा को उदास देखकर साथी महिला कैदी ने कहा, मैडम ठीक से रहो, सबकुछ ठीक हो जाएगा।

फिर से मच्छरों ने किया परेशान

पूजा सिंघल को मच्छरों के बीच रात गुजारनी पड़ी। उन्हें मच्छर काटते रहे और इन्हीं के बीच पूरी रात कटी।

इससे वे ठीक से सो भी नहीं पाईंं। इस बार उन्हें सोने के लिए कंबल, चादर, तकिया दिया गया है।

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