
रांची: नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांगों को लेकर जारी देशव्यापी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे युवाओं, छात्रों, विपक्षी दलों की अटूट एकता और लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश भर की सड़कों पर महीनों से आंदोलनरत जेन जी युवाओं और सीजेपी साथियों की चट्टानी एकता ने मोदी सरकार के अहंकार को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह जनांदोलन बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राममनोहर लोहिया और जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों और सिद्धांतों को बचाने की एक ऐतिहासिक लड़ाई साबित हुई है।
राजद प्रवक्ता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों से दमनकारी नीतियों के तहत छात्रों के न्यायपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास किया गया। विगत वर्षों में लगभग 152 बार हुए पेपर लीक और हालिया नीट घपले के सदमे में करीब दो दर्जन होनहार युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। प्रधानमंत्री यदि समय रहते छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते, तो 1974 के जेपी आंदोलन के 52 वर्षों बाद देश में दोबारा ऐसा राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन देखने को न मिलता। अंततः छात्रों और सड़क से लेकर संसद तक मुखर रहे विपक्षी दलों के भारी दबाव के आगे झुकते हुए प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना ही पड़ा। उन्होंने राजद की ओर से आंदोलन को सफल बनाने वाले सभी युवा संगठनों के साथ-साथ कांग्रेस, राजद, झामुमो, टीएमसी, शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद पवार गुट) जैसे तमाम प्रमुख विपक्षी दलों का धन्यवाद किया।

