
रांची: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बृहस्पतिवार को अपने-अपने गणना प्रपत्र भरे और सभी अर्हता रखने वाले मतदाताओं से निर्धारित समयसीमा में यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया 30 जून को शुरू हुई और 29 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान, बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ)घर-घर जाकर गणना प्रपत्र को वितरित करेंगे और उसके बाद भरे हुए प्रपत्र जमा कर उनकी जांच करेंगे। गंगवार ने लोक भवन (राज्यपाल का आधिकारिक निवास) में बूथ-स्तरीय अधिकारियों को अपना गणना प्रपत्र सौंपा।
गंगवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं राज्य के सभी अर्हता प्राप्त नागरिकों से अपील करता हूं कि जब बीएलओ गणना प्रपत्र लेकर आपके घर आएं, तो कृपया उन्हें तुरंत भरें और अपने हस्ताक्षर के साथ सौंप दें, ताकि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।’’ मुख्यमंत्री सोरेन ने यहां कांके रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर गणना प्रपत्र भरने के बाद कहा कि मदतान के अधिकार की रक्षा करना हर नागरिक की अहम जिम्मेदारी है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं झारखंड के सभी योग्य मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे तय समय-सीमा के भीतर एसआईआर प्रक्रिया पूरी करें और मतदाता सूची में अपनी जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित करें।’’ उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और समाज के अन्य लोगों को इस प्रक्रिया में भाग लेने और एसआईआर गणना प्रपत्र भरने के लिए प्रेरित करें।
इस मौके पर गांडेय से विधायक और मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन ने भी अपना गणना प्रपत्र भरा। एसआईआर के बाद मसौदा मतदाता सूची पांच अगस्त को प्रकाशित की जाएगी और उस पर दावे और आपत्तियां उसी तारीख से चार सितंबर तक स्वीकार की जाएंगी। दावों और आपत्तियों का निस्तारण पांच अगस्त से तीन अक्टूबर के बीच किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को प्रकाशित की जाएंगी। एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही झारखंड के 2.64 करोड़ मतदाताओं में से 82.08 प्रतिशत मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची के आधार पर मिलान कर लिया गया है। हालांकि, 47.41 लाख मतदाताओं से संपर्क नहीं किया जा सकता है।

