

रांची : झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव सह कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह, जसास के परामर्शी तथा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और टाटा एआईजी के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और एसईएचआईएस से जुड़े विभिन्न प्रमुख मुद्दों और कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई।





बैठक के दौरान वर्तमान बीमा योजना की अवधि समाप्त होने को ध्यान में रखते हुए नई बीमा कंपनी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जसास को पिछले वर्षों में जोड़ी गई नई सुविधाओं को शामिल करते हुए इसी महीने प्रस्तुतीकरण तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जबकि अन्य राज्यों की बीमा निविदाओं का भी अध्ययन किया जा रहा है। इसके साथ ही बीमा कंपनियों के स्तर पर लंबित पड़े दावों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और उन्हें नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) की निर्धारित समय-सीमा के भीतर लाने का कड़ा निर्देश दिया गया। टीएमएस 1.0 और 2.0 में भुगतान होने के बावजूद तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अस्पतालों को राशि न मिलने के मामलों को बैंक, बीमा कंपनी और एनएचए की तकनीकी टीम के साथ आपसी समन्वय बनाकर तुरंत सुलझाने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बढ़ते दावों के मद्देनजर जसास में खाली पड़े पदों को भरने और नए डॉक्टरों तथा डेटा एनालिस्ट की नियुक्ति पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के साथ-साथ उनके परिवारों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, जिन पात्र लाभार्थियों के अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनका ई-केवाईसी कराकर सीएससी केंद्रों और अस्पतालों के जरिए कार्ड जारी करने तथा पीडीएस डीलरों व सीएससी केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।
