छात्र आंदोलन से झारखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त, भाजपा सड़कों पर; केजरीवाल ने किया समर्थन

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन के बीच भाजपा के बंद से जनजीवन प्रभावित रहा। सरकार ने संवाद का भरोसा दिया, जबकि जांच भी तेज हुई।

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रांची : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के कारण मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा। विधानसभा मार्च के दौरान सोमवार को पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया, जबकि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन किया।

रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में स्कूल और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे तथा वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं ने रांची के किशोरगंज, अरगोड़ा और कांके क्षेत्रों में सड़कें जाम कीं। हरमू चौक और किशोरगंज चौक पर टायर भी जलाए गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अनुसार, बंद सुबह आठ बजे से मध्यरात्रि तक रखा गया और आवश्यक सेवाओं को इससे बाहर रखा गया।

सोमवार को बड़ी संख्या में नौकरी के अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया था। प्रदर्शनकारियों के कई बैरिकेड पार करने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें कीं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारियों ने घायल होने का दावा किया, जबकि रांची पुलिस के अनुसार 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। छात्र 25 जुलाई से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार, कुछ परीक्षाओं को रद्द करने तथा कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में JSSC-कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा रद्द करना और मामले की सीबीआई या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की समिति से जांच कराना शामिल है।

भाजपा ने पुलिस कार्रवाई को छात्रों पर ‘अत्याचार’ बताते हुए उनकी मांगों का समर्थन किया है। साहू ने राज्य सरकार पर छात्रों के प्रति ‘तानाशाही’ रवैया अपनाने का आरोप लगाया और पुलिस कार्रवाई रोकने की मांग की।

राहुल ने बल प्रयोग की निंदा की, सोरेन ने बातचीत का दिया भरोसा

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी पुलिस बल प्रयोग की निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है और समाधान बातचीत से ही निकल सकता है। भाजपा नेताओं ने उनके बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिये अपनी मांगों का समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार को मान्यता देती है और उनकी मांगों पर गंभीरता तथा संवेदनशीलता से विचार किया जाएगा। सोरेन ने विपक्षी नेताओं पर आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। राज्य सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की कई मांगें पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं। सरकार ने भर्ती परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

केजरीवाल का छात्रों को समर्थन, ईडी जांच और गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल

केजरीवाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि वह झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों का समर्थन करते हैं और सरकार से उनके मुद्दों का तत्काल समाधान करने की अपील करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ हिंसा ‘अस्वीकार्य’ है।इस बीच, भर्ती परीक्षा विवाद की जांच भी तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को कथित अनियमितताओं के संबंध में धनशोधन के मामले में जांच शुरू की। एजेंसी ने राज्य सीआईडी की प्राथमिकी और अन्य शिकायतों के आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत जांच शुरू की है।

झारखंड सीआईडी ने कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। इससे मामले में सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 20 हो गई है। खियांग्ते से 28 जुलाई से चार बार पूछताछ की गई थी। उनकी गिरफ्तारी से एक दिन पहले JPSC के तीनों कार्यरत सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हंसदा और जमाल अहमद—ने इस्तीफा दे दिया था। इस बीच, नौ दिन से भूख हड़ताल कर रहे JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत सोमवार को बिगड़ गई। रक्त शर्करा का स्तर काफी गिरने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई। इसके बावजूद वह एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।

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Avantika Raj Choudhary एक अनुभवी और बहुआयामी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और वेबसाइट संचालन जैसे मीडिया के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खबरों की गहरी समझ, प्रभावशाली प्रस्तुति और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता उन्हें एक सशक्त मीडिया प्रोफेशनल बनाती है। अपने करियर के दौरान Avantika ने Jharkhand Live, The Fourth Pillar, 22 Scope और Khabar Mantra जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है, जहाँ उन्होंने अपनी पेशेवर दक्षता, मेहनत और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एंकर के रूप में उनकी प्रभावशाली संवाद शैली, रिपोर्टर के रूप में जमीनी हकीकत को सामने लाने की क्षमता, और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में सटीक एवं आकर्षक लेखन ने उन्हें मीडिया जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। डिजिटल और ग्राउंड मीडिया दोनों प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करने का अनुभव रखने वाली Avantika Raj Choudhary पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के साथ खुद को निरंतर अपडेट करती रही हैं। उनकी कार्यशैली में निष्पक्षता, समर्पण और दर्शकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का उद्देश्य स्पष्ट रूप से झलकता है। मीडिया इंडस्ट्री में उनका यह अनुभव और कौशल उन्हें भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की ओर अग्रसर करता है.