

रांची: झारखंड को टीबी मुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने अब राज्यभर के मुखियाओं से सहयोग की अपील की है। भारत सरकार के वर्ष 2030 तक टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य के तहत राज्य में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।




अभियान के तहत गांवों और वार्डों में आधुनिक ‘हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन’ के जरिए सघन स्क्रीनिंग की जा रही है, जिससे बिना किसी स्पष्ट लक्षण वाले मरीजों की भी समय पर पहचान संभव हो पा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक राज्य में वर्ष 2025 के दौरान कुल 67,049 टीबी मरीजों की पहचान की गई थी, जबकि वर्ष 2026 में जनवरी से जून के बीच करीब 31,000 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं। इन सभी का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है और अब तक राज्य की 455 पंचायतें पूरी तरह टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं।
एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने जनप्रतिनिधियों से खुद ‘नि-क्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों को पोषाहार सहायता प्रदान करने की अपील की है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुखिया और अन्य प्रतिनिधि आम लोगों को हर महीने की 24 तारीख को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित होने वाले विशेष जांच व टेलीमेडिसिन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए जागरूक करें।

