मिशन-11 सार्थक करने के लिए जी तोड़ मेहनत करने में जुटे हैं बाबूलाल मरांडी : विनोद पांडेय

झारखंड में सियासी घमासान तेज, विनोद पांडेय का बाबूलाल मरांडी पर तीखा हमला, बीजेपी नेतृत्व से दूरी और लगातार गिरती सीटों को लेकर जमकर साधा निशाना।

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रांची : झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर व्यंग्य करते हुए कहा है कि वे हर रोज़ अपना बचा हुआ सम्मान और मर्यादा दोनों खोते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अपने जी तोड़ मेहनत कर मिशन-11 को सार्थक करने के लिए अजीबोगरीब हरकत करने में जुटे हैं। विनोद पांडेय ने कहा कि हाल ही में एक पुलिस अधिकारी की ओर से अमर्यादित भाषा के प्रयोग पर राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पदमुक्त कर दिया। यह प्रशासन की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि इस पर भी बाबूलाल मरांडी को दिक्कत है। इससे साफ है कि वे हर मुद्दे पर सिर्फ विरोध करने की राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तो दिल्ली के भाजपा नेतृत्व भी उनसे दूरी बनाने लगे हैं। चर्चा में बने रहने के लिए बाबूलाल मरांडी रोज गवर्नर हाउस का चक्कर लगा रहे हैं, बेकार के मुद्दे उठाते हैं, चाय पीते हैं और 2003 के अपने प्रिय डोमिसाइल वाले किस्से सुनाकर वहां भी लोगों को परेशान करते हैं। विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा के आम कार्यकर्ता भी अब उनसे परेशान हो चुके हैं। कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा आम है कि वे कब पार्टी का पीछा छोड़ेंगे। यहां तक कि कार्यकर्ता मज़ाक में कहते हैं कि उनके हटने पर “100-100 नारियल फोड़े जाएंगे”, लेकिन बाबूलाल मरांडी हैं कि मानने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 के विधान सभा चुनाव में झारखंड में भाजपा को 24 सीटें मिली थीं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व द्वारा बाबूलाल मरांडी को चेहरा बनाकर थोपने के बाद 2024 में यह घटकर 21 रह गईं। पिछले पांच वर्षों में वे एक भी उपचुनाव नहीं जिता पाए हैं, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षा सीधे प्रधानमंत्री बनने की है। जेएमएम ने तंज कसते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी ने अब 2029 के लिए ठान लिया है कि वे भाजपा को “शगुन के 11 सीट” तक लाकर ही मानेंगे। अगर यही सिलसिला चलता रहा तो अगली बार 5 सीटें भी मुश्किल हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी को रोज़ गवर्नर हाउस में चाय पीने, पुराने डोमिसाइल के किस्से दोहराने और छोटे अधिकारियों को “मैं एक्सपोज़ कर दूंगा” जैसी धमकियां देने से फुर्सत नहीं है, ऐसे में वे पार्टी और जनता के असली मुद्दों पर क्या ध्यान देंगे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।