पत्रकार को उसके निधन के बाद उसका अखबार भी सिंगल कॉलम में निबटा देता है

वरिष्ठ पत्रकार दीपेश के निधन के बहाने मीडिया में पत्रकारों को मिलने वाले सम्मान, अखबारों की प्राथमिकताओं और समाचार प्रस्तुति के नजरिये पर गंभीर सवाल उठाता यह लेख।

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

एक पत्रकार के निधन की खबर अखबार में सिंगल कॉलम से ज्यादा की हकदार नहीं होती अगर वो कोई प्रख्यात संपादक न हो तो। सोचता हूं कि यह व्यवस्था कैसे बनी होगी कि किसी पत्रकार का अगर निधन हो जाए तो उसकी खबर अखबार में सिंगल कॉलम की जगह घेरेगी। इससे ज्यादा की नहीं। किसी संपादक ने ही तय किया होगा, या फिर मैनेजमेंट का ही निर्देश होगा कि किसी पत्रकार के निधन को अधिक प्रमुखता नहीं देनी है। या फिर यह भी हो सकता है कि पेजीनेटरों और उप संपादकों ने ही तय कर लिया होगा कि कहीं सिंगल कॉलम में निबटा देना है।

एक पत्रकार अपना पूरा जीवन समाज के लिए जीता है। जैसे राजनेता जीते हैं, चंद पत्रकार व्यवस्था के साथ सेटिंग कर अपने लिए बेहतर जीवन तलाश लेते हैं पर अधिकांश के हिस्से जिंदगी भर संघर्ष के सिवा कुछ नहीं आता। दूसरों की खबर लेनेवाला पत्रकार खुद अपनी ही कायदे की खबर नहीं बन पाता। अखबारों और मीडिया संस्थानों को इस नजरिये में बदलाव लाने की जरूरत है। कल दीपेश जी के निधन के बाद उनकी खबर अखबारों में खंगाल रहा था। प्रभात खबर में सिंगल, हिन्दुस्तान में यही स्थिति और दैनिक भास्कर भी उनके साथ साम्य लिए हुए था। माने सिंगल कॉलम। हालांकि, दैनिक आजाद सिपाही ने उनके निधन को तीन कॉलम में जगह दी। यह सम्मानजनक महसूस हुआ। दीपेश जी करीब 35 चालीस साल से पत्रकारिता कर रहे थे। क्या वे प्रमुख अखबारों में वे सिंगल कॉलम से अधिक की जगह के हकदार नहीं थे। अगर एक अखबार में अखबारनवीस का निधन ही लगभग नगण्य या महत्वहीन हो जायेगा तो समाज फिर पत्रकार को कितनी तवज्जो देगा। अखबार के मालिकों, संपादकों और पत्रकारों को इसपर विचार अवश्य करना चाहिए।

दीपेश जी को विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।