JPSC-JSSC को लेकर छात्रों का विरोध तेज, रांची में सरकार के खिलाफ पुतला दहन

JPSC-JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर रांची में छात्रों का प्रदर्शन, पुतला दहन; अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग उठाई।

Razi Ahmad
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Student Protest : JPSC-JSSC परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार शाम रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्रों और अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया गया।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार और संबंधित अधिकारियों की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग

आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका विरोध किसी एक परीक्षा या किसी एक मामले तक सीमित नहीं है। उनकी मुख्य मांग झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की है।

छात्रों ने कहा कि अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाने चाहिए। साथ ही परीक्षा से जुड़े विवादों की निष्पक्ष तरीके से जांच कराने की भी मांग उठाई गई।

कई मंत्रियों और JSSC अधिकारी के पुतले जलाए

कार्यक्रम के दौरान आंदोलनकारियों ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और JSSC से जुड़े अधिकारी सुधीर गुप्ता के नाम वाले पुतलों का दहन किया।

अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और अपनी मांगों को दोहराया। आंदोलनकारियों का कहना है कि अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए वे लगातार सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचने का प्रयास कर रहे हैं।

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है।

छात्रों ने कहा कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर जल्द ठोस पहल नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।