
रांची: जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से शुक्रवार को सीआईडी ने करीब 9 घंटे तक लंबी पूछताछ की। पूछताछ खत्म होने के बाद देर शाम उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई। अब तक की जांच में सीआईडी को 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा में गड़बड़ी के कई अहम सबूत मिले हैं। ओएमआर शीट में गड़बड़ी के मामले में सुमन सौरभ की गिरफ्तारी और उसके द्वारा गलत तरीके से पीटी परीक्षा पास करने की बात स्वीकार किए जाने के बाद परीक्षा में अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, पूछताछ के दौरान इस्तीफा दे चुके आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते ने ज्यादातर सवालों पर चुप्पी साधे रखी। इन तमाम तथ्यों को देखते हुए अब यह संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है कि जेपीएससी पीटी परीक्षा रद्द की जा सकती है।
टीडीपीएल के दफ्तर तक कैसे पहुंचीं ओएमआर शीट? एल खियांग्ते नहीं दे सके जवाब
सीआईडी की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद अभ्यर्थी अपनी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी जांच एजेंसी को भेज रहे हैं। जांच के दौरान बड़ी संख्या में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। वहीं, आयोग के सदस्यों की भूमिका को लेकर भी जांच तेज हो गई है। पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते, परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक और कर्मचारी अभय तिवारी से मिली जानकारी के आधार पर सीआईडी की नजर अब जेपीएससी के कुछ सदस्यों और अन्य लोगों पर भी है।
शुक्रवार को सीआईडी अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, चयन प्रक्रिया और निजी एजेंसी की भूमिका को लेकर एल खियांग्ते से कई सवाल पूछे। उनसे यह भी पूछा गया कि परीक्षा से जुड़ी ओएमआर शीट टीडीपीएल के दफ्तर तक कैसे पहुंची, उनमें गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। हालांकि, इन सवालों पर एल खियांग्ते कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
गौरतलब है कि इससे पहले सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय के साथ-साथ परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी टीडीपीएल के दफ्तर में भी तलाशी ली थी। जांच के दौरान टीडीपीएल कार्यालय से कई ओएमआर शीट बरामद हुई थीं। अब यही ओएमआर शीट एल खियांग्ते से हो रही पूछताछ में जांच का सबसे अहम आधार बनी हुई हैं।
अब सदस्यों की भूमिका की होगी पड़ताल, बयानों का किया जाएगा मिला
सीआईडी अब उन सदस्यों की भूमिका से जुड़े इनपुट्स का सत्यापन कर रही है, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उन्हें पूछताछ के लिए समन जारी किया जाएगा। इसके बाद उनके बयानों का मिलान पूर्व अध्यक्ष और अन्य आरोपियों के बयानों से किया जाएगा, ताकि पूरे मामले में हर व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सके। उधर, सीआईडी ने पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को एक बार फिर 3 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया है। अब तक उनसे तीन बार पूछताछ की जा चुकी है।

