

रांची: JSSC-CGL परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों ने मंगलवार को राजधानी रांची में फ्लैश मार्च निकालकर राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले का विरोध किया। अभ्यर्थियों ने कहा कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन छात्रों के साथ भी अन्याय हो रहा है, जिन्होंने मेहनत और अपनी योग्यता के आधार पर सफलता हासिल की है।





दरअसल, झारखंड सरकार ने 17 अगस्त को JSSC-CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद इसकी जानकारी दी थी। इससे पहले प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे तक बैठक हुई, जिसमें परीक्षाओं को रद्द करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
सफल अभ्यर्थियों में नाराजगी
सरकार के फैसले के बाद JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पूरी परीक्षा रद्द करने से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी प्रभावित होंगे, जिन्होंने बिना किसी अनियमितता के परीक्षा पास की है।
फ्लैश मार्च के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
CBI जांच की मांग तेज
परीक्षाएं रद्द होने के बाद अब विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की ओर से पूरे मामले की CBI जांच की मांग भी तेज हो गई है। मांग करने वालों का कहना है कि केवल परीक्षा रद्द करने से कथित गड़बड़ी की पूरी सच्चाई सामने नहीं आएगी।
फिलहाल JPSC और JSSC से जुड़ी विवादित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CID कर रही है। ऐसे में अब सफल अभ्यर्थियों के विरोध और CBI जांच की मांग के बीच सरकार के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।
