केरल में पूरा ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया जाएगा: मुरलीधरन

केरल में वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर विवाद बढ़ गया है। मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में केवल पहले दो अंतरे गाए जाएंगे।

Razi Ahmad
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कासरगोड/तिरुवनंतपुरम: नौ अगस्त (भाषा) केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन और कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने रविवार को कहा कि राज्य में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण नहीं गाया जाएगा।

मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा कि केरल में हमेशा की तरह राष्ट्रगीत के केवल पहले दो अंतरा ही गाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व में भी राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों में केवल पहले दो अंतरा ही गाए जाते थे और यह व्यवस्था अब भी जारी रहेगी।”
उन्नीथन ने कहा कि केरल में ‘‘इस जन्म में’’ पूरा ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया जाएगा।

सांसद ने एक टीवी चैनल से कहा कि उन्हें मुख्य सचिव द्वारा राष्ट्रीय गीत के पूर्ण गायन के संबंध में दिए गए किसी निर्देश की जानकारी नहीं है, लेकिन ‘‘चाहे नरेन्द्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें’’ इसे पूरा नहीं गाया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यह उसी तरह गाया जाएगा जिस तरह अब तक गाया जाता रहा है। इससे अधिक कुछ नहीं गाया जाएगा।’’

दोनों नेताओं की यह प्रतिक्रिया केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा के छह अगस्त के उस पत्र के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत 2022 में शुरू किए गए इस अभियान के 2026 संस्करण को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित स्मरणोत्सव के तीसरे चरण के साथ जोड़ दिया गया है।

पत्र के अनुसार, यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति की मंजूरी के बाद लिया गया।

तदनुसार, पत्र में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान सभी आयोजनों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ-साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन
शामिल होगा, जबकि डिजिटल भागीदारी ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल के माध्यम से होगी जहां नागरिक ‘‘तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी’’ अपलोड कर सकते हैं।

यह पत्र संस्कृति मंत्रालय के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के संबंध में मिले एक आदेश के बाद जारी किया गया था, जो इस वर्ष नौ से 17 अगस्त तक मनाया जाएगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि वंदे मातरम् के गायन के संबंध में भारत सरकार के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

मुरलीधरन ने कहा कि मुख्य सचिव कभी-कभी केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत परिपत्र जारी करते हैं क्योंकि ऐसा करना उनका कर्तव्य है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन केरल इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम अपनी पुरानी व्यवस्था ही जारी रखेंगे। राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों में उसी पुराने प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। केवल पहले दो अंतरा ही गाए जाएंगे।”

मंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रगीत का पूर्ण गायन इसलिए हुआ था क्योंकि वह कार्यक्रम राज्यपाल की मौजूदगी में आयोजित किया गया था।

उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों में केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, “लेकिन केरल सरकार के किसी भी कार्यक्रम में केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, हमारे ही प्रोटोकॉल का पालन होगा।”

उन्नीथन ने आरोप लगाया कि लोक भवन ‘‘ओछी राजनीति के केंद्र बन गए हैं और राज्यपाल अब धनबल के सहारे लोकतंत्र को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘ऐसे में हम राज्यपालों से क्या न्याय की उम्मीद कर सकते हैं? वे सभी केंद्र सरकार के गुलाम बन गए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम वंदे मातरम के पूर्ण गायन को स्वीकार नहीं कर सकते। इस जन्म में तो बिल्कुल नहीं।’’

विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राष्ट्रीय गीत का पूर्ण गायन कराने संबंधी इस पत्र को जारी किए जाने की आलोचना की है और इसे वापस लेने की मांग की है।

उसने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ऐसे निर्देश जारी करके आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के एजेंडे के आगे घुटने टेक रही है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।