
नई दिल्ली : लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी उमेर हारिस उर्फ ‘खरगोश’, सज्जाद नाम से जारी जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके देश छोड़ने के बाद सऊदी अरब पहुंच गया है। लश्कर के अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल की जांच का नेतृत्व कर रही श्रीनगर पुलिस ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ यह जानकारी साझा की है।
अधिकारियों ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दर्ज किया गया मामला संभवतः एनआईए को सौंपा जाएगा। साथ ही, संबंधित राज्य पुलिस बलों को भी जानकारी दी गई है। पहले की रिपोर्टों में कहा गया था कि हारिस कराची का रहने वाला है, लेकिन अब सामने आया है कि वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का निवासी है। अधिकारियों ने कहा कि उसके खिलाफ कराची में आगजनी के कई मामले लंबित थे और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह लश्कर में शामिल हुआ। आतंकी संगठन ने 2012 में उसे जम्मू-कश्मीर भेज दिया। जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के अनुसार, हारिस बांदीपोरा और श्रीनगर के अलग-अलग स्थानों पर रहा। उसने लश्कर के एक आतंकी (ओवर ग्राउंड वर्कर) की बेटी से शादी भी की। यह निकाह समारोह उसके झूठे नाम ‘सज्जाद’ के साथ जयपुर में हुआ था। इस शादी के दस्तावेजों का इस्तेमाल उसने भारतीय पासपोर्ट हासिल किया। सवाल उठ रहे हैं कि राजस्थान में पुलिस सत्यापन प्रणाली के बावजूद पासपोर्ट कैसे जारी हो गया। अधिकारियों के अनुसार, लश्कर का यह आतंकवादी बाद में इंडोनेशिया चला गया, जहां से उसने 2024-25 में एक अन्य फर्जी यात्रा दस्तावेज के आधार पर सऊदी अरब में कहीं शरण ली।

