
Latehar News : लातेहार डीसी संदीप कुमार के निर्देश पर सौम्या मेडिकल स्टोर को सील करने और 5 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद यह मामला अब एक दुकान तक सीमित नहीं रह गया है। प्रशासन को मिले शुरुआती सबूतों के बाद पूरे प्रकरण में संगठित नेटवर्क की बू आ रही है। इसी को लेकर अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
एक दुकान नहीं, पूरा नेटवर्क! शुरू हुई गहन जांच
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जांच में यह संकेत मिले हैं कि मामला केवल एक मेडिकल दुकान तक सीमित नहीं हो सकता।
सूत्रों की मानें तो सौम्या मेडिकल स्टोर के जरिए नकली, एक्सपायरी और बिना बिल की दवाओं की सप्लाई जिले के कई इलाकों में की जाती थी। इसी कड़ी में अब की भूमिका की गहन जांच शुरू कर दी गई है।जांच टीम अब आरोपियों के आपसी संपर्क, कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेन-देन को खंगाल रही है।
पुलिस साइबर सेल की मदद से पिछले 6 महीने की कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और बैंक खातों की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री निकाली जा रही है। मकसद साफ है – इस अवैध कारोबार से जुड़े हर कड़ी तक पहुंचना।
बख्शा नहीं जाएगा कोई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।डीसी ने कहा लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इनका लाइसेंस रद्द कर इन्हें काली सूची में डाला जाएगा।
पूरे जिले में मचा हड़कंप, छापेमारी तेज
सौम्या मेडिकल की कार्रवाई के बाद जिले भर के मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने जिले के अन्य मेडिकल प्रतिष्ठानों और संदिग्ध रूप से संचालित क्लीनिकों की जांच भी तेज कर दी है।औषधि निरीक्षक और स्वास्थ्य विभाग की 3 अलग-अलग टीमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छापेमारी कर रही हैं। बिना फार्मासिस्ट, बिना लाइसेंस और बिना डॉक्टर के चल रहे क्लीनिकों को चिन्हित किया जा रहा है।
आम जनता से की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बिना पर्चे नशीली दवा की बिक्री, नकली दवा या अवैध क्लीनिक की जानकारी मिले तो वे तुरंत टोल फ्री नंबर या संबंधित थाने में सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

