
लातेहार : महुआडांड़ प्रखंड के बुढ़ाघाघ लोध जलप्रपात शनिवार से सोमवार तक आस्था के रंग में पूरी तरह रंग गया। तीन दिवसीय विराट रुद्र महायज्ञ का पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ समापन हुआ। शनिवार को भव्य जलयात्रा से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन तीन दिनों तक पूरे क्षेत्र को शिवमय बनाए रखा। शनिवार सुबह सैकड़ों पुरुष, महिलाएं और युवतियां पीले वस्त्रों में सिर पर कलश लेकर जलयात्रा में शामिल हुईं।
ढोल-नगाड़ों और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ निकली यात्रा में श्रद्धालुओं ने समीपवर्ती नदी से जल भरकर यज्ञ मंडप तक की दूरी तय की। कलश पहुंचते ही परिसर ‘ॐ नमः शिवाय’ से गूंज उठा। सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहुति दी गई। इसके तुरंत बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। महुआडांड़, चटकपुर, अक्सी सहित आसपास के दर्जनों गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर से शाम तक भंडारे में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मुख्य पुजारी रिशेश्वर सिंह महाराज ने कहा, बुढ़ाघाघ की यह तपोभूमि बहुत पवित्र है। यहां सच्ची श्रद्धा से किया गया रुद्र महायज्ञ कभी निष्फल नहीं जाता।
भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना है कि इस क्षेत्र में समय पर अच्छी बारिश हो, किसानों की फसल अच्छी हो और सभी के घरों में सुख-शांति बनी रहे। विश्व कल्याण की भावना से की गई आहुतियां संपूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी होंगी। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व जिला परिषद सदस्य एस्टेला नागेसिया ने किया। यज्ञ को संपन्न कराने में श्री विद्याकांत तिवारी, मोनल शुक्ल, सत्य नारायण चंडीश्वर जी महाराज, मुरारी पाठक और अंकित पाठक की मुख्य भूमिका रही। मौके पर चटकपुर मुखिया रेखा नागेसिया, रामनरेश ठाकुर, राम जायसवाल, भरत राम, जसवंत यादव सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में राधेश्याम राम, विसनाथ राम, दसरथ नगेसिया, सुनील नगेसिया, देव नारायण, अमृत राम, आलम राम, अक्षय राम, श्याम, सरफू सहित कई स्थानीय कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

