नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों को दोपहर के भोज पर आमंत्रित किया है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर मंथन होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्तरां में अपराह्न करीब 1:30 बजे होने वाले इस भोज में मंगलवार को निर्वाचन आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, इस दौरान विपक्षी दलों के सांसद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात का आग्रह करने वाले एक पत्र पर भी हस्ताक्षर कर सकते हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा था कि विपक्ष के 300 सांसद मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलकर यह कहना चाहते हैं कि आपने ‘‘वोट चोरी’’ की है। ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था। पुलिस ने संसद मार्ग के पास अवरोधक लगाकर मार्च को रोक दिया था। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना दिया।
दिल्ली पुलिस ने करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) गठबंधन के 10 सांसद भी शामिल थे। बाद में हिरासत में लिए गए नेताओं और सांसदों को छोड़ दिया गया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं समेत कई विपक्षी नेता मौजूद थे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा बाद में आकाशवाणी भवन परिसर में भी धरने पर बैठ गए। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हिरासत में लिया। सूत्रों का कहना है कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों से बुधवार को भी दिल्ली में मौजूद रहने के लिए कहा गया था। ऐसे में खरगे की ओर से आयोजित यह दोपहर का भोज विपक्षी सांसदों के बीच समन्वय और आगे के कार्यक्रम को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, दोपहर के भोज के दौरान विपक्षी दलों के नेता मंगलवार के घटनाक्रम पर चर्चा करने के साथ-साथ निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी विचार कर सकते हैं। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात का समय देने का अनुरोध करते हुए पत्र तैयार किए जाने और उस पर विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।


