नंदीग्राम उपचुनाव से तृणमूल उम्मीदवार के हटने के बाद ममता ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की

नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया। उम्मीदवार के नामांकन वापसी के बीच चुनाव चिह्न विवाद और विपक्षी एकजुटता की चर्चा तेज हुई।

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को घोषणा की कि नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में उनकी पार्टी कांग्रेस का समर्थन करेगी। उन्होंने यह घोषणा उनके खेमे की उम्मीदवार के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद चुनाव से हटने के कुछ घंटों बाद की। ममता ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के फैसले की भी आलोचना की और कहा कि यह कदम ‘मनमाना’ है। उन्होंने भाजपा पर ‘‘विपक्षी दलों को खत्म करने’’ की कोशिश करने का आरोप लगाया।

ममता ने इस घटनाक्रम को ‘‘लोकतंत्र के लिए काला दिन’’ करार देते हुए पार्टी के पारंपरिक चुनाव चिह्न (दो फूल और घास) पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 28 वर्ष से यह संगठन का चुनाव चिह्न था। उन्होंने कहा, ‘‘वे (निर्वाचन आयोग) मेरे चुनाव चिह्न पर कैसे रोक लगा सकते हैं, जो पिछले 28 वर्ष से हमारे पास रहा है?’’ ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा देश भर में विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने न केवल बंगाल में बल्कि अन्य राज्यों में भी चुनावों में धांधली की है और अब विपक्षी दलों को खत्म करने की कोशिश कर रही है।”

महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘पहले उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़ा और फिर राकांपा को। अब वे हमारे पीछे पड़े हैं।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुभेंदु अधिकारी ने पहले कहा था कि वह तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को खत्म कर देंगे। ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘हम न तो सिर झुकाएंगे और न ही आत्मसमर्पण करेंगे। हम लड़ेंगे और वापसी करेंगे।’’ नंदीग्राम में घटनाक्रम ने तब नाटकीय मोड़ ले लिया, जब ममता बनर्जी खेमे द्वारा उतारी गईं संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया।
इसके बाद, ममता ने कहा कि उनकी पार्टी ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को मजबूत बनाने के लिए नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करने का फ़ैसला किया है, जबकि रेजीनगर क्षेत्र के बारे में फ़ैसला बाद में लिया जाएगा।

वहीं, कांग्रेस की बंगाल इकाई ने मंगलवार को दावा किया था कि ममता बनर्जी नीत पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में उसके केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क किया था और छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक रूप से अहम नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, तृणमूल ने कांग्रेस के इस दावे को खारिज कर दिया। कांग्रेस नेतृत्व ने तृणमूल के साथ गठबंधन का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें फ़ोन किया था और आम आदमी पार्टी (आप) नेता अरविंद केजरीवाल ने समर्थन जताया था। उन्होंने कहा, ‘‘हम सब मिलकर भाजपा के ख़िलाफ़ लड़ेंगे।’’ नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं और मतों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।