Rising Tensions in the Middle East: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच Middle East में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
ताजा जानकारी के अनुसार अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली युद्धपोत USS Delbert D. Black (DDG-119) इजरायल के रेड सी बंदरगाह इल्लात पर तैनात किया गया है।

इस कदम को क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक दबाव के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इल्लात पर अमेरिकी युद्धपोत का Docking होना खास माना जाता है।
ट्रंप का बयान और अमेरिकी बेड़े की बढ़त
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald trump ने Social Media पर लिखा कि अमेरिकी युद्धपोतों का बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और यह पहले भेजे गए बेड़े से कहीं बड़ा है।
उन्होंने बताया कि इस बड़े बेड़े का नेतृत्व एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln कर रहा है। इससे साफ है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत कर रहा है।
ईरान की चेतावनी और पलटवार की धमकी
ईरान के Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei के एक शीर्ष सलाहकार ने चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो इजरायल को निशाना बनाया जाएगा।

इससे पहले ही ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिन्हें इस सैन्य तैनाती से जोड़ा जा रहा है।
USS Delbert D. Black की ताकत
जानकारी के मुताबिक USS Delbert D. Black में एडवांस एजिस सिस्टम लगा हुआ है। यह युद्धपोत एयर डिफेंस, Missile Defense और टॉमहॉक क्रूज मिसाइल लॉन्च करने में सक्षम है। इस वजह से इसे बेहद घातक और आधुनिक युद्धपोत माना जाता है।
रेड सी में बढ़ी अमेरिकी मौजूदगी
फिलहाल Red Sea में 6 डिस्ट्रॉयर और 1 एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात हैं। इसके साथ ही F-15E फाइटर जेट्स, एयर डिफेंस बैटरी और टैंकर एयरक्राफ्ट की संख्या भी बढ़ाई गई है।
बताया गया है कि इस समय मिडिल ईस्ट में 35 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
सैन्य विशेषज्ञों की चिंता
सैन्य जानकारों का मानना है कि ईरान पर हमले की आशंका अब पहले से ज्यादा बढ़ गई है। ईरान के न्यूक्लियर साइट्स और IRGC कमांड्स को लेकर खतरे की बात कही जा रही है।
हालांकि ईरान ने भी साफ किया है कि किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा।
इजरायल का पक्ष और पहले से तय दौरा
इजरायली सेना का कहना है कि USS Delbert D. Black का इल्लात आना पहले से तय था और यह अमेरिका-इजरायल सैन्य सहयोग का हिस्सा है। फिर भी, रेड सी में अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती से ईरान की चिंता बढ़ गई है।
पुराने हमलों का जिक्र
इससे पहले Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर हिंसा जारी रही या न्यूक्लियर कार्यक्रम आगे बढ़ा तो कार्रवाई होगी।
बताया गया है कि वर्ष 2025 में अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था, जिसमें कई वैज्ञानिकों की मौत हो गई थी।
हालात पर सबकी नजर
कुल मिलाकर, Middle East में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी सैन्य तैनाती और ईरान की धमकियों के बीच आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।




