केजरीवाल की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की याचिका पर नहीं होगी जल्द सुनवाई

News Aroma
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Kejriwal’s Plea To Extend Interim Bail : मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से अपील की कि उनके द्वारा दायर अंतरिम जमानत को बढ़ाने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की जाय।

केजरीवाल ने Medical जांच के लिए अंतरिम जमानत सात दिन और बढ़ाने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल के वकील की जल्द सुनवाई की मांग ठुकराई

CM केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जस्टिस जेके माहेश्वरी और केवी विश्वनाथन की वेकेशन बेंच से तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया।

सिंघवी ने कहा, ”इसकी तत्काल जरूरत है क्योंकि 20 दिन की अंतरिम जमानत समाप्त हो रही है और Medical Test करवाना भी बेहद जरुरी है। मैं सिर्फ अंतरिम जमानत को सात दिन बढ़ाने की ही मांग कर रहा हूं।”

इस पर, Justice माहेश्वरी ने कहा कि जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली एक अन्य पीठ ने 17 मई को मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आवेदन को भारत के चीफ जस्टिस D Y चंद्रचूड़ के पास भेजना उचित होगा। हम आपके आवेदन को माननीय मुख्य न्यायाधीश के पास भेजेंगे। चीफ जस्टिस को फैसला लेना चाहिए।

शराब घोटाले से जुड़े Money Laundering मामले में सीएम केजरीवाल 1 जून तक अंतरिम जमानत पर हैं। उन्हें दो जून को सरेंडर कर जेल लौटना होगा।

आम आदमी पार्टी के अनुसार, मामले में गिरफ्तारी के बाद से CM केजरीवाल की तबीयत खराब है। पार्टी ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद उनका वजन सात किलोग्राम घट गया है और उनका कीटोन लेवल बहुत ज्यादा बढ़ गया है जो गंभीर मेडिकल डिसऑर्डर है।

पार्टी ने आगे कहा है कि CM को मेडिकल टेस्ट कराना जरूरी है और इसके लिए सात दिन का समय लगेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को CM Kejriwal की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उन्होंने शराब घोटाले मामले में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी द्वारा उनकी गिरफ्तारी और उसके बाद रिमांड को चुनौती दी थी।

इसमें कहा गया है कि Supreme Court में फैसला सुरक्षित होने के बावजूद वह नियमित जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जा सकते हैं।

सुनवाई के दौरान, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि CM Kejriwal की रिहाई और आत्मसमर्पण की समयसीमा को लेकर उनका स्पष्ट आदेश है। कोई विशेष छूट नहीं दी गई है।

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले हफ्ते दिल्ली की एक अदालत में एक आवेदन दायर कर दो जून को Supreme Court के अंतरिम जमानत आदेश की समाप्ति पर ‘आप’ सुप्रीमो की न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए बढ़ाने की मांग की गई थी।

Share This Article