भारत में कैंसर के मामलों में तेजी से हो रहा इजाफा, 2040 तक 2.1 मिलियन…

भारत में सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में उछाल देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि अनुमान है कि 2040 तक कैंसर के नए मामलों की संख्या 2.1 मिलियन तक पहुंच जाएगी।

News Aroma
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Cancer cases are Increasing Rapidly in India: भारत में सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में उछाल देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि अनुमान है कि 2040 तक कैंसर के नए मामलों की संख्या 2.1 मिलियन तक पहुंच जाएगी।

विश्व सिर और गर्दन कैंसर दिवस (World Head and neck Cancer day) पर विशेषज्ञों ने कहा कि सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में वृद्धि एक गंभीर चेतावनी है। हमें इसके कारणों को समझने और रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय करने की जरूरत है।

दिल्ली स्थित गैर सरकारी संगठन ‘कैंसर मुक्त भारत फाउंडेशन’ के एक नए शोध में पता चला है कि भारत में Cancer के मरीजों में से लगभग 26 प्रतिशत सिर और गर्दन के कैंसर से ग्रस्त हैं।

भारत में कैंसर मुक्त भारत अभियान का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ Oncologist आशीष गुप्ता ने बताया, ”देश में सिर और गर्दन के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर युवा पुरुषों में। इसका मुख्य कारण तंबाकू का सेवन और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। लगभग 80-90 प्रतिशत मुंह के कैंसर के मरीज तंबाकू का सेवन करते हैं, चाहे वह धूम्रपान के रूप में हो या चबाने के रूप में।”

पुणे स्थित रूबी हॉल क्लिनिक के Surgical Oncology निदेशक संजय देशमुख के अनुसार, भारत में सिर और गर्दन के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है।

उन्होंने आगे बताया, “गुटखा और खैनी जैसे तम्बाकू उत्पादों में कैंसर कारक तत्व होते हैं, जो कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। इसके अलावा, शराब का सेवन भी सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण कारण है।”

जब तम्बाकू के सेवन के साथ शराब का सेवन किया जाता है, तो कैंसर पैदा करने वाले प्रभाव बढ़ जाते हैं, जिससे इन कैंसरों के मामलों में वृद्धि होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शराब पीने से मुंह, गले, स्वरयंत्र और अन्नप्रणाली के कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

भारत में पान-मसाला और सुपारी का सेवन एक आम बात है, जिसमें अक्सर तम्बाकू भी मिला होता है। विशेषज्ञों ने कहा, ”पान का सेवन सिर और गर्दन के कैंसर के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है।”

अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC) ने सुपारी को भी कैंसर पैदा करने वाले तत्वों की श्रेणी में रखा है। इसका सेवन तम्बाकू और चूने के साथ करने से कैंसर होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

पश्चिमी देशों में HPV से जुड़े सिर और गर्दन के कैंसर आम हैं, लेकिन भारत में HPV संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। HPV मुंह और गले के कैंसर का एक प्रमुख कारण है, और इसके मामलों में वृद्धि भारत में एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

संजय देशमुख ने कहा, ”भारत में HPV के खिलाफ टीकाकरण कार्यक्रमों और जागरूकता की कमी के कारण स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।”

गुरुग्राम स्थित सीके बिड़ला अस्पताल के ऑन्कोलॉजी सेंटर के Consultant-Surgical Oncologist विनीत कौल के अनुसार, ”हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर कुछ कदम उठा सकते हैं, जैसे कि नियमित व्यायाम करना और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना आदि।

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