


डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी के साथ हुई बातचीत के बाद केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने पर सहमति जता दी है। इसके साथ ही सरकार ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने का भी भरोसा दिया है।





हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम उन्हें कुछ भी स्वीकार नहीं होगा। सरकार ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा है।
इससे पहले आज ही सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा था कि 20 जुलाई को करीब 100 छात्रों के सिर फोड़े जाने और सोनम वांगचुक के 26 दिनों के अनशन के बाद अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम किसी भी समाधान को स्वीकार नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि आज कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब हाउस में करीब एक घंटे तक बैठक चली। इस दौरान सरकार ने छात्रों की दो मांगों को स्वीकार कर लिया। सरकार की ओर से जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की।
