

NEET Paper Leak : बहुचर्चित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने बुधवार को दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी। इनमें कथित मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी और रेणुकाई करियर सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर शामिल हैं।





दोनों आरोपियों को विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
सीबीआई के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर निवासी पी.वी. कुलकर्णी लंबे समय तक NEET प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा रहे थे। उन्हें पिछले महीने पुणे से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, शिवराज मोटेगांवकर को मई में लातूर से गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा का कथित लीक प्रश्नपत्र मिलने का दावा किया गया है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि मोटेगांवकर पेपर लीक और उसके प्रसार से जुड़े संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था। सीबीआई का कहना है कि उसने अपने कोचिंग सेंटर के माध्यम से प्रश्नपत्र और उसके उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी न्यायिक हिरासत में हैं।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
