गोवा बढ़ रहा त्रिशंकु विधानसभा की ओर

News Desk
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नई दिल्ली: गोवा में राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले विश्लेषकों और राजनीतिक टिप्पणीकारों के अनुमान के मुताबिक, मौजूदा चुनावों में राज्य एक बार फिर से 2017 जैसी स्थिति यानी त्रिशंकु विधानसभा की ओर बढ़ रहा है।

यह बात 7 फरवरी की शाम को जारी सीवोटर-एबीपी न्यूज के जनमत सर्वेक्षण के अंतिम परिणामों से पता चली। चुनाव के नतीजे यह भी बताते हैं कि आम आदमी पार्टी (आप) गोवा की राजनीति में एक गंभीर खिलाड़ी बनने की राह पर है।

चुनाव के परिणामों के अनुसार, भाजपा को 14 से 18 सीटों के बीच जीतने का अनुमान है, जो गोवा विधानसभा में 21 सीटों के बहुमत के निशान से काफी कम है। कुल 40 सीटें हैं।

भाजपा 10 साल के शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर के बीच लाभ से दूर दिख रही है, तो कांग्रेस भी बहुमत के निशान से काफी पीछे है, उसे 12 सीटें मिलती दिख रही है, पार्टी को हालांकि 10 से 14 सीटें जीतने का अनुमान है।

आप ने 2017 में कोई सीट नहीं जीती थी। लेकिन वह इस बार अपनी स्थिति बदलने के लिए तैयार है। उसे 4 से 8 सीटों के बीच जीत का अनुमान है। एमजीपी ने एक क्षेत्रीय पार्टी के रूप में अपनी पहचान बरकरार रखी है, जिसे 3 से 7 सीटों के बीच जीतने का अनुमान है।

यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो राष्ट्रीय राजनीति में दो प्रमुख निहितार्थ होंगे। आप अभी भी एक छोटी पार्टी है, फिर भी एक राष्ट्रीय पदचिह्न् वाली पार्टी के रूप में उभरी है। यह दिल्ली में सत्ता में है, पंजाब को जीतने के लिए और उत्तराखंड में एक पार्टी के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है।

यह पार्टी गोवा में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। पार्टी को उम्मीद है कि इसके नेता अरविंद केजरीवाल की छवि और कद पर कोई चमत्कार होगा। कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए यह विपरीत होगा, यदि पार्टी पंजाब की सत्ता को बनाए रखने और उत्तराखंड व गोवा को जीतने में विफल रहती है।

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