पाकिस्तान को तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष बनाया गया, भारत की चिंता बरकरार

News Aroma
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Delhi News: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने पाकिस्तान को 2025 के लिए तालिबान प्रतिबंध समिति (1988 Taliban Sanctions Committee) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह समिति अफगानिस्तान की शांति और स्थिरता के लिए खतरा माने जाने वाले व्यक्तियों, समूहों और संगठनों पर आर्थिक प्रतिबंध, यात्रा प्रतिबंध और हथियारों पर रोक जैसे फैसले लेगी।

साथ ही, पाकिस्तान आतंकवाद निरोधक समिति (Counter-Terrorism Committee) का उपाध्यक्ष भी होगा, जिसकी अध्यक्षता अल्जीरिया करेगा।

पाकिस्तान इन समितियों में रहेगा सक्रिय

पाकिस्तान तालिबान प्रतिबंध समिति में गुयाना और रूस के साथ मिलकर काम करेगा, जहां रूस और गुयाना उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा, पाकिस्तान दो अन्य अनौपचारिक कार्य समूहों-डॉक्यूमेंटेशन और प्रक्रिया संबंधी मुद्दों और सामान्य प्रतिबंधों-में सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाएगा।

2025-26 के लिए UNSC का अस्थायी सदस्य होने के नाते पाकिस्तान इन समितियों में सक्रिय रहेगा, जहां निर्णय आम सहमति से लिए जाते हैं।

भारत की चिंता?

भारत लंबे समय से पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बताता रहा है। भारत ने बार-बार कहा है कि UN द्वारा प्रतिबंधित कई आतंकी और संगठन पाकिस्तान में पनाह पाते हैं। खासकर, अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन 2011 तक पाकिस्तान के ऐबटाबाद में छिपा रहा था, जिसे अमेरिकी सेना ने मार गिराया था। भारत ने 2021-22 में आतंकवाद निरोधक समिति की अध्यक्षता की थी और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग पर जोर दिया था।

पाकिस्तान को यह जिम्मेदारी मिलने से भारत की चिंताएं बढ़ सकती हैं, खासकर तब जब वह आतंकियों को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है।

UNSC की नई संरचना

UNSC में 5 स्थायी सदस्य (चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, अमेरिका) और 10 अस्थायी सदस्य हैं। वर्तमान अस्थायी सदस्यों में अल्जीरिया, डेनमार्क, ग्रीस, गुयाना, पाकिस्तान, पनामा, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया और सोमालिया शामिल हैं।

मंगलवार को हुए चुनाव में बहरीन, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, लाइबेरिया, लातविया और कोलंबिया को 2026-27 के लिए नए अस्थायी सदस्य चुना गया।

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