सुपरटेक के फ्लैट खरीददारों को 28 फरवरी तक पैसे लौटाने का ‘सुप्रीम’ आदेश

News Aroma
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने नोएडा के सुपरटेक के फ्लैट खरीददारों को 28 फरवरी तक पैसे लौटाने का आदेश दिया है।

आदेश में कहा गया है कि एमिकस क्युरी की ओर से की गई गणना के मुताबिक पैसे लौटाए जाएं।

कोर्ट ने कहा कि जिन फ्लैट खरीददार का होम लोन का बकाया है, उसका भुगतान 10 अप्रैल तक सुपरटेक करे।

कोर्ट ने कहा कि सुपरटेक के साथ हुए समझौते की शर्तों दोनों पक्षों को माननी होगी। कोर्ट ने 17 जनवरी को सुपरटेक एमरल्ड कोर्ट के 40 मंज़िला ट्विन टावर को गिराने का आदेश मुंबई की एडिफिस इंजीनियरिंग को दिया था।

फ्लैट खरीददारों ने सुपरटेक के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि सुपरटेक ने कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया।

सुपरटेक ने फ्लैट खरीददारों को पैसे वापस देने के लिए बुलाया। जब वे पैसे लेने सुपरटेक के दफ्तर गए तो उनसे कहा गया कि उन्हें कुछ कटौती कर किश्तों में पैसे दिए जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को नोएडा के सुपरटेक एमरल्ड कोर्ट में चालीस मंज़िल के दो अवैध टावरों को गिराने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रखते हुए ये आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि तीन महीने में निर्माण हटाया जाए।

कोर्ट ने कहा था कि फ्लैट खरीददारों को दो महीने में पैसा वापस दिया जाए। कोर्ट ने फ्लैट खरीददारों को 12 फीसदी सालाना ब्याज के साथ पैसे लौटाने का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने कहा था कि निर्माण गिराने का खर्च सुपरटेक वहन करेगा। कोर्ट ने कहा था कि इस अवैध निर्माण में बिल्डर और अधिकारियों की मिलीभगत है।

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