Paddy Procurement Picks up Pace in Jharkhand : झारखंड सरकार ने इस खरीफ सीजन (Kharif season) में धान खरीद की प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 से शुरू की थी।

अब तक 19 जनवरी 2026 तक राज्य सरकार कुल 14 लाख 77 हजार 901 क्विंटल धान की खरीद कर चुकी है।
सरकार ने इस वर्ष 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य तय किया है। इस उद्देश्य के लिए राज्यभर के किसानों में अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा है।
लाखों किसानों ने कराया पंजीकरण
धान बेचने के लिए अब तक 2 लाख 71 हजार 690 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 1 लाख 26 हजार 595 किसानों को SMS भेजकर धान क्रय केंद्रों पर आने की सूचना दी जा चुकी है।
राज्य में किसानों की सुविधा के लिए कुल 801 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां सरकारी दर पर धान की खरीद की जा रही है।
275 करोड़ से अधिक का भुगतान
सरकार ने धान खरीद के बदले किसानों को अब तक 275 करोड़ 16 लाख 87 हजार 308 रुपए का भुगतान कर दिया है। इसमें 267 करोड़ 50 लाख 69 हजार 578 रुपए पहली किस्त के रूप में दिए गए हैं।
वहीं किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 7 करोड़ 66 लाख 17 हजार 729 रुपए प्रोत्साहन राशि के तौर पर भुगतान किए गए हैं।
इस साल बढ़ी धान की कीमत
इस बार सरकार धान की खरीद 2450 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कर रही है। पिछले वर्ष यह दर 2400 रुपए प्रति क्विंटल थी।
दाम बढ़ने से किसानों में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है और अधिक किसान धान बेचने के लिए आगे आ रहे हैं।
पिछले वर्षों की तुलना में स्थिति बेहतर
पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाई थी।
2022-23 में 60 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले केवल 17.16 लाख क्विंटल (29%) की खरीद हुई।
2023-24 में भी हालात ऐसे ही रहे और 17.02 लाख क्विंटल (29%) धान खरीदा गया।
लेकिन 2024-25 में स्थिति सुधरी और 40.8 लाख क्विंटल धान की खरीद हुई, जो लक्ष्य का 67 प्रतिशत रहा।
इस साल सरकार को उम्मीद है कि धान खरीद का आंकड़ा और बेहतर होगा।


