पटना: राजधानी पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक पुलिस अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। महज 7 हजार रुपये के लिए ईमान बेचने का मामला उजागर होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। यह पूरा मामला कदमकुआं थाना से जुड़ा है, जहां तैनात अवर निरीक्षक सह अपर थानाध्यक्ष अर्जुन यादव को गिरफ्तार किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, कदमकुआं इलाके के रहने वाले शमशाद आलम ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि अर्जुन यादव उन्हें एक केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांग रहे थे। यह मामला थाना कांड संख्या 315/26 से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद अधिकारियों ने तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया। पुलिस उपाधीक्षक आदित्य राज की अगुवाई में एक खास टीम बनाई गई, जिसने पूरी रणनीति के साथ जाल बिछाया।

योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत देने के लिए तैयार किया गया और तय जगह पर पैसे देने की व्यवस्था की गई। जैसे ही जस्टिस राज किशोर पथ पर आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर छापा मारकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से पूरी रिश्वत राशि भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस मामले में कहीं और लोग भी शामिल तो नहीं हैं।


