
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आपातकाल संविधान पर सीधा हमला था, क्योंकि इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं को निलंबित कर दिया गया था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया था और भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला माने जाने वाले संस्थानों पर भी प्रहार किया गया था। प्रधानमंत्री ने आपातकाल को भारत के इतिहास के ‘‘सबसे अंधकारमय अध्यायों में से एक’’ बताते हुए इस दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा करने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि आपातकाल ने उन अनगिनत नागरिकों के असाधारण साहस को भी उजागर किया, जिन्होंने चुप रहने से इनकार किया और संविधान में निहित आदर्शों को बनाए रखा।

