आपातकाल वह काला दौर था, जिसमें भारतीय लोकतंत्र को निर्ममता से कुचल दिया गया था : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को भारत के इतिहास का सबसे अंधकारमय अध्याय बताते हुए कहा कि इस दौरान संविधान, नागरिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सीधा हमला हुआ था।

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आपातकाल संविधान पर सीधा हमला था, क्योंकि इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं को निलंबित कर दिया गया था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया था और भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला माने जाने वाले संस्थानों पर भी प्रहार किया गया था। प्रधानमंत्री ने आपातकाल को भारत के इतिहास के ‘‘सबसे अंधकारमय अध्यायों में से एक’’ बताते हुए इस दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा करने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि आपातकाल ने उन अनगिनत नागरिकों के असाधारण साहस को भी उजागर किया, जिन्होंने चुप रहने से इनकार किया और संविधान में निहित आदर्शों को बनाए रखा।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।