
कोलकाता: कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दो दिवसीय दौरे ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में खासा उत्साह पैदा कर दिया। शहर की सड़कों पर भव्य रोड शो के बाद अगली सुबह प्रधानमंत्री ने हुगली नदी में नाव की सैर कर एक अलग संदेश देने का प्रयास किया। यह दृश्य न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक इलाकों में विशाल रोड शो किया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग सड़कों के दोनों ओर मौजूद रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जगह-जगह फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। रोड शो के दौरान “भारत माता की जय” और “मोदी-मोदी” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कई स्थानों पर पारंपरिक बंगाली संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जहां लोक कलाकारों ने नृत्य और संगीत के माध्यम से प्रधानमंत्री का स्वागत किया। रोड शो के बाद अगली सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने हुगली नदी के तट पर पहुंचकर नाव की सैर की। सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने नदी के शांत वातावरण का आनंद लिया। नाव पर बैठकर उन्होंने आसपास के घाटों, मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों को निहारा। स्थानीय लोगों ने घाटों से हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया, जिसका प्रधानमंत्री ने मुस्कुराकर जवाब दिया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार सुबह यहां हुगली नदी में नौका विहार किया और नाविकों तथा सुबह सैर करने वाले लोगों से मुलाकात की। मोदी ने अपने इस नौका विहार की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें वह हाथ में कैमरा लिए लकड़ी की एक नाव पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में पृष्ठभूमि में हावड़ा ब्रिज और विद्यासागर सेतु नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, श्श्इस महान नदी की तस्वीरें लेने की कोशिश की। साथ ही विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज को करीब से देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हर बंगाली के लिए गंगा की विशेष अहमियत है। मोदी ने कहा, कहा जा सकता है कि गंगा बंगाल की आत्मा में प्रवाहित होती है। इसके पवित्र जल में एक संपूर्ण सभ्यता की शाश्वत भावना बहती है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, आज सुबह कोलकाता में मैंने हुगली नदी के तट पर कुछ समय बिताया, जो मां गंगा के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर था। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें नाविकों से मिलने का अवसर मिला, जिनकी मेहनती प्रकृति प्रशंसनीय है और साथ ही सुबह सैर करने वालों से भी मुलाकात हुई। उन्होंने कहा, हुगली पर हमने पश्चिम बंगाल के विकास और महान बंगाली जनता की समृद्धि के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं, जिसका पहला चरण बृहस्पतिवार को संपन्न हुआ। चुनाव का दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने नदी संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की नदियां केवल जलधारा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति की पहचान हैं। हुगली नदी का बंगाल के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन में विशेष स्थान है, और इसे स्वच्छ व संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ने का प्रयास भी था। हुगली नदी में नाव की सैर ने आम लोगों के बीच एक सहज और मानवीय छवि प्रस्तुत की। भाजपा नेताओं ने इसे “जनता से सीधा संवाद” बताया, जबकि विपक्ष ने इसे चुनावी प्रचार का हिस्सा करार दिया। प्रधानमंत्री के इस दौरे को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, और ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी जनता के बीच अपनी उपस्थिति और प्रभाव को और बढ़ाना चाहती है।कुल मिलाकर, कोलकाता में रोड शो और उसके बाद हुगली नदी में नाव की सैर ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को यादगार बना दिया।

