पोलैंड में दो हमलों के बाद 76 लोगों को हिरासत में लिया गया, 50 हजार विद्यालयों की हुई जांच

पोलैंड में स्कूलों पर दो हमलों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने 76 लोगों को हिरासत में लिया और करीब 50,000 स्कूलों की जांच की।

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

वारसॉ: पोलैंड में सप्ताह की शुरुआत में दो स्कूलों में हुए हमलों के बाद और अधिक हिंसा को रोकने के प्रयासों के तहत देश भर से 76 लोगों को हिरासत में लिया गया है और लगभग 50,000 स्कूलों की जांच की गई है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पोलैंड में सप्ताह की शुरुआत में स्कूलों में हुए दो हमलों में एक व्यक्ति की मौत और बच्चों सहित कई लोगों के घायल होने के बाद शुक्रवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई। इस दौरान कुछ स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर दी गईं, कई अभिभावकों ने बच्चों को घर पर रखा और शैक्षणिक संस्थानों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई।

मध्य पोलैंड के माजोविया प्रांत स्थित एक व्यावसायिक स्कूल के 19 वर्षीय छात्र ने बुधवार को धारदार हथियार से साथी छात्रों, शिक्षकों और राहगीरों पर हमला कर दिया था। इस घटना में नौ लोग घायल हो गए। हमले के बाद आरोपी फरार हो गया, लेकिन उसे पास से ही गिरफ्तार कर लिया गया।इसके अगले दिन, इसी प्रांत में 15 वर्षीय एक लड़के द्वारा अपने पूर्व स्कूल में चाकूबाजी करने की घटना सामने आई जिसमें एक कर्मचारी की हत्या कर दी गयी और दो अन्य लोग घायल हो गए।

बृहस्पतिवार रात तक अभिभावकों के ऑनलाइन समूहों और मुख्यधारा के मीडिया में ऐसी अफवाहें फैलने लगी थीं कि ये दोनों हमले सुनियोजित थे और शुक्रवार को भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। शुक्रवार को होने वाली घटनाओं के डर से इस दिन को ‘ब्लडी फ्राइडे’ यानी ‘खूनी शुक्रवार’ कहा जाने लगा था।

पोलैंड में शुक्रवार को एहतियातन 59 स्कूलों में कक्षाएं निलंबित कर दी गईं। इनमें ज्यादातर स्कूल माजोविया प्रांत के थे, जहां राजधानी वारसॉ स्थित है। स्कूलों के निदेशक ने सुरक्षा बढ़ाने के उपायों की जानकारी देते हुए संदेश भेजे। इनमें प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और छात्रों के बैग की जांच जैसे कदम शामिल थे।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।