
रांची: मादक पदार्थों और तंबाकू उत्पादों के सेवन के बढ़ते खतरे के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से रांची में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में एनएमटीसी नर्सिंग स्कूल की छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों और तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और यह कई गंभीर व जानलेवा बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने बताया कि तंबाकू में मौजूद निकोटीन और अन्य विषैले रसायन मुंह, गले, फेफड़े तथा पेट के कैंसर के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा धूम्रपान से हृदय रोग, स्ट्रोक, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन सीधे मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे स्मरण शक्ति, एकाग्रता और मानसिक संतुलन पर नकारात्मक असर पड़ता है। अत्यधिक नशे की लत लीवर सिरोसिस, किडनी फेल्योर, डिप्रेशन, तनाव और अन्य मानसिक विकारों को जन्म दे सकती है। सिविल सर्जन ने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करती है। इससे पारिवारिक कलह, सामाजिक अस्थिरता और आर्थिक समस्याएं बढ़ती हैं। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने नशा मुक्ति और तंबाकू निषेध विषय पर आकर्षक पेंटिंग्स बनाकर अपने संदेश प्रस्तुत किए। सिविल सर्जन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन छात्राओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्या, शिक्षिकाएं, परामर्शी सुशांत कुमार के अलावा अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया।

