कांग्रेस में फिर घमासान! सुखदेव भगत का तंज-प्रदेश अध्यक्ष ‘शुतुरमुर्ग की तरह’ नहीं चला सकते संगठन

कांग्रेस में अंदरूनी घमासान तेज, सुखदेव भगत ने संगठन पर सवाल उठाते हुए ‘शुतुरमुर्ग’ वाली टिप्पणी की, नियुक्तियों और डिलिमिटेशन कमिटी पर गंभीर आरोप लगाए।

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रांची : कांग्रेस सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने पार्टी के अंदर चल रहे विवाद को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अध्यक्ष की जिम्मेदारी संगठन को चलाने की होती है, जबकि प्रभारी कोच की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में गंभीर चूक हो रही है और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से नीतिगत मुद्दों पर राय तक नहीं ली जा रही है। उनके अनुसार, ऐसे हालात में अध्यक्ष को खुद निर्णय लेने चाहिए और “शुतुरमुर्ग की तरह व्यवहार नहीं किया जा सकता।”

डिलिमिटेशन कमिटी और नियुक्तियों पर सवाल

सुखदेव भगत ने डिलिमिटेशन कमिटी को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कमिटी में किसी आदिवासी नेता का शामिल न होना समझ से परे है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कई योग्य लोगों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मामलों की कमिटी की बैठक में वे हर मुद्दे पर जवाब मांगेंगे।

यूथ कांग्रेस और नियुक्तियों पर नाराजगी

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि यूथ कांग्रेस के उन नेताओं को जगह नहीं दी गई है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर काम किया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पेड स्टाफ को पदाधिकारी बनाए जाने का फैसला समझ से बाहर है। सुखदेव भगत के इन बयानों के बाद पार्टी के अंदर चल रही हलचल एक बार फिर तेज हो गई है और संगठन की कार्यशैली पर बहस छिड़ गई है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।