रांची: राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। अशोक नगर रोड नंबर-1 निवासी शारीफ इब्राहिम ने डीआईजी रेल प्रियदर्शी आलोक के खिलाफ अरगोड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डीआईजी और उनके सुरक्षाकर्मियों ने न केवल रास्ता रोकने का विरोध करने पर धमकाया, बल्कि एके-47 से गोली मारने और फर्जी मामले में फंसाकर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी भी दी।

क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता शारीफ इब्राहिम के अनुसार, बीती 28 सितंबर की शाम करीब छह बजे डीआईजी की सरकारी गाड़ी उनके घर के रास्ते के ठीक सामने खड़ी कर दी गई, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और उनका परिवार घर से बाहर नहीं निकल सका। उन्होंने बताया कि उस कंपाउंड में कई परिवार रहते हैं और रास्ते को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। आरोप है कि डीआईजी की ओर से लगातार सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर रास्ता बाधित किया जाता है।
एके-47 से गोली मारने और फर्जी केस में फंसाने की धमकी
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब उन्होंने गाड़ी खड़ी कर रास्ता बंद करने का विरोध किया, तो डीआईजी अपने सुरक्षाकर्मी के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान कथित तौर पर उन्हें एके-47 से गोली मारने की धमकी दी गई और सुरक्षाकर्मी को निर्देश दिया गया कि यदि कोई गाड़ी के पास आए, तो उसे गोली मार दी जाए।
इसके साथ ही, डीआईजी पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपनी पद का रौब दिखाते हुए कहा, “मैं आईपीएस हूँ, मेरा क्या बिगाड़ लोगे?” और उन्हें फर्जी मामलों में जेल भेजने तथा जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी।
फिलहाल, पीड़ित शिकायतकर्ता ने अरगोड़ा थाना प्रभारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर डीआईजी आलोक प्रियदर्शी और उनके सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।


