रांची : राजधानी में उर्दू भाषा, साहित्य और तहजीब को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। ‘सहाफी एसोसिएशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट’ के बैनर तले 10 नवंबर को रांची के हज हाउस में एक विशाल ‘राज्य स्तरीय उर्दू कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें राज्यभर से आए कई प्रतिष्ठित पत्रकार, बुद्धिजीवी और उर्दू प्रेमी शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आगामी 10 नवंबर का यह दिन झारखंड में उर्दू भाषा की पहचान, उसकी आवाज और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उर्दू केवल एक जुबान भर नहीं है, बल्कि यह हमारी साझा तहजीब, गंगा-जमुनी संस्कृति और इंसानियत का एक अहम हिस्सा है। इसे किसी एक धर्म विशेष के दायरे में बांधकर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह देश की साहित्यिक विरासत को संवारने वाली मोहब्बत और भाईचारे की भाषा है।
मुख्यमंत्री और कई दिग्गज हस्तियों के शामिल होने की संभावना
इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए राज्य के कई गणमान्य नेताओं को आमंत्रित किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन और वरिष्ठ नेता फुरकान अंसारी समेत कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
सहाफी एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में संवाद, आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक सौहार्द को और मजबूती मिलती है। मंत्री ने मीडियाकर्मियों से भी अपील की है कि वे इस भाषा की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सहाफी एसोसिएशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के अध्यक्ष शाहीन अहमद, कार्यकारी अध्यक्ष आसिफ नईम, महासचिव फिरोज जिलानी, सचिव रमीज, सह सचिव फहीम अख्तर, मो. सईद, मो. वसीम, रहमतुल्लाह, राहिल, महताब, दानिश, आदिल, नेहा वारसी, इमरान, मेराज, मोकर्रम, जावेद और आमिर समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।


