


रांची: रांची में जैन समाज के दशलक्षण एवं पर्युषण महापर्व को लेकर तैयारियों का माहौल है और दिगंबर व श्वेतांबर दोनों समाजों द्वारा भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। दिगंबर जैन समाज का पर्युषण पर्व 16 सितंबर से शुरू हो रहा है, जिसे लेकर मंदिरों में प्रतिमाओं के प्रक्षालन एवं मंजन का कार्य भव्य रूप से पूरा किया गया। इस दौरान दशलक्षण पर्व के तहत दसों दिनों में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन और ब्रह्मचर्य गुणों की पूजा-अर्चना की जाएगी। आचार्य श्रेयसागर महाराज, मुनिश्री निर्योग सागर महाराज और अन्य विद्वानों के सानिध्य में प्रतिदिन पूजन, शास्त्र वाचन, संगीत कार्यक्रमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन अप्सरा बाजार से शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो रातू रोड स्थित वासुपूज्य जिनालय तक जाएगी, और 27 सितंबर को क्षमापना पर्व के साथ इस महापर्व का समापन होगा।
दूसरी ओर, श्री श्वेतांबर जैन समाज का पर्युषण पर्व मंगलवार से आरंभ हो चुका है, जिसके तहत मंदिरों में प्रातःकाल जलाभिषेक, स्नात्र पूजा, प्रवचन और संध्या समय प्रतिक्रमण जैसे धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। 12 सितंबर को भगवान महावीर का जन्म वाचन मनाया जाएगा और तत्पश्चात दोपहर में बोथरा परिवार द्वारा सामूहिक भोज आयोजित होगा। श्वेतांबर समाज के इस महापर्व का समापन 15 सितंबर को होगा, जिसके बाद 16 सितंबर को रामपुरिया परिवार की ओर से क्षमापना तथा 20 सितंबर को सामूहिक क्षमा याचना एवं शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा।





