रांची: जयपाल सिंह स्टेडियम में 49 दंडाधिकारियों और भारी पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति किए जाने पर मेयर रोशनी खलखो ने डीसी को पत्र भेजकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम रांची नगर निगम की संपत्ति है और मॉर्निंग वॉक के लिए इसका गेट खोलना निगम व मेयर के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में विधि-व्यवस्था के नाम पर कार्रवाई करना और गेट पर ताला लगाना समझ से परे है।

मेयर ने अपने पत्र में अनुमंडल दंडाधिकारी सदर की ओर से पांच अक्तूबर को जारी आदेश का उल्लेख करते हुए कहा है कि 5 से 21 अक्तूबर तक स्टेडियम में 49 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। उन्होंने इस कार्रवाई को अनावश्यक बताते हुए कहा कि यदि सुरक्षा या विधि-व्यवस्था से जुड़ा कोई विषय था तो नगर निगम के अधिकारियों या उनसे सीधे संपर्क कर जानकारी दी जा सकती थी।
मेयर ने यह भी कहा कि मॉर्निंग वॉकर्स के स्वास्थ्य के लिए गेट खोलने से क्या शहर की विधि व्यवस्था प्रभावित होगी या स्टेडियम में मेयर के टहलने से शहर की विधि व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को विधि-व्यवस्था भंग करने वाले के रूप में चित्रित करना लोकतंत्र का अपमान है। मेयर ने कहा कि स्टेडियम का गेट केवल मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए सुबह पांच से आठ बजे तक खोला गया था। इसमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और खिलाड़ी शामिल हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि सुबह पार्क में टहलने से विधि-व्यवस्था कैसे प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता की मांग पर स्वास्थ्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्क खोलना उनका दायित्व है। मेयर ने पत्र में यह भी कहा कि उनके द्वारा स्टेडियम का ताला तोड़े जाने की बात कही गई है, जबकि निगम के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से विचार-विमर्श के बाद गेट खोला गया था। उन्होंने इस तरह की बात को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
दीवार फांदकर पहुंच रहे थे लोग
मेयर के अनुसार, स्टेडियम के गेट पर करीब 40 दिनों से ताला लगा था। इसके बावजूद स्थानीय लोग मजबूरी में दीवार फांदकर मॉर्निंग वॉक करने पहुंच रहे थे। इससे किसी के गिरने या चोटिल होने की आशंका बनी रहती थी। उन्होंने उपायुक्त से पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए नागरिकों के हित में स्टेडियम पार्क को मॉर्निंग वॉक के लिए खोलने की दिशा में उचित कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि स्टेडियम में पहले से निषेधाज्ञा लागू है। ताला तोड़ने पर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहां मेंटेनेंस का काम चल रहा है, इसलिए दोबारा ताला लगाया गया है।


