न तो पीने लायक न ही नहाने लायक है कांके डैम और बड़ा तालाब का पानी : डॉ नीतीश प्रियदर्शी

पर्यावरणविद डॉ नीतीश प्रियदर्शी ने कांके डैम और बड़ा तालाब के पानी को न पीने योग्य और न नहाने योग्य बताया, प्रदूषण और गंदे पानी को मुख्य कारण बताया।

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रांची : पर्यावरणविद डॉ नीतीश प्रियदर्शी ने कहा है कि कांके डैम और बड़ा तालाब का पानी न तो पीने योग्य है और न नहाने योग्य। उन्होंने यह निष्कर्ष बीते वर्ष के पानी के सैंपलों के अध्ययन के बाद निकाला है। बीते दिनों उन्होंने रांची विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के पर्यावरण (एनवायरनमेंटल) अध्ययन के विद्यार्थियों के साथ कांके डैम और रांची लेक (बड़ा तालाब) के जल की गुणवत्ता का विश्लेषण के लिए जल के नमूने एकत्रित किए। इस दौरान कांके डैम के आसपास कुछ विषैले पौधों की भी पहचान की गई। पिछले वर्ष की विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों जलाशयों का पानी न तो पीने योग्य है और न ही स्नान के लिए सुरक्षित। उन्होंने कहा कि कांके डैम और बड़ा तालाब प्रदूषित हैं। इनमें प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है कि इनमें गंदा पानी और कचड़ा मिल रहा है। यदि पानी में जो कचरा जाता है उसे रोका जाए तो पानी अपने को साफ कर लेगा। इतना ही नहीं यदि पानी को ट्रीटमेंट करके डाला जाए तो भी इन जलाशयों में प्रदूषण का स्तर कम हो जायेगा। पर समस्या जागरूकता की है। जब तक जलाशयों में प्रदूषित पानी जाना बंद नहीं होगा, तब तक इनकी सेहत नहीं सुधरेगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।