भाजपा की नाकामी का ठीकरा अधिकारी पर फोड़ रहे बाबूलाल : ऋषिकेश सिंह

रांची नगर आयुक्त पर बाबूलाल मरांडी के बयान को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया। ऋषिकेश सिंह ने नगर निगम, विधायक और सांसद की जवाबदेही पर सवाल उठाए।

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रांची : नगर आयुक्त पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, उसके बाद अधिकारियों को नसीहत देनी चाहिए। रांची नगर निगम में मेयर भाजपा का, डिप्टी मेयर भाजपा का और नगर निगम पर वर्षों से भाजपा का प्रभाव, रांची विधानसभा में करीब 30 वर्षों से भाजपा का विधायक और रांची लोकसभा में 12 वर्षों से भाजपा का सांसद है। इसके बावजूद रांची की समस्याओं के लिए सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप करना भाजपा नेताओं की पुरानी आदत बन चुकी है।

ऋषिकेश सिंह ने कहा कि यदि नगर निगम की व्यवस्था इतनी ही खराब है, तो बाबूलाल मरांडी अपने ही दल के मेयर, डिप्टी मेयर और निगम में प्रभाव रखने वाले भाजपा नेताओं से जवाब क्यों नहीं मांगते? तीन दशक से रांची की राजनीति पर कब्जा जमाए भाजपा नेताओं ने शहर को क्या दिया, इसका हिसाब जनता मांग रही है। सड़क, नाली, ट्रैफिक, जलजमाव, कचरा, पार्किंग और शहरी व्यवस्था की बदहाली पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने के बजाय अधिकारी को कठघरे में खड़ा करना सिर्फ राजनीतिक नौटंकी है।

ऋषिकेश सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं की हालत यह हो गई है कि जहां सत्ता में हैं वहां श्रेय भाजपा का और जहां जनता सवाल पूछे वहां जिम्मेदारी अधिकारी या राज्य सरकार की! रांची में इतने वर्षों तक भाजपा के जनप्रतिनिधि रहने के बावजूद यदि भाजपा आज भी मूलभूत समस्याओं पर सिर्फ बयानबाजी कर रही है, तो यह भाजपा की नाकामी, निकम्मेपन और नेतृत्वहीनता का प्रमाण है। बाबूलाल मरांडी को अधिकारियों पर आरोप लगाने से पहले अपने ही दल के जनप्रतिनिधियों से पूछना चाहिए कि उन्होंने रांची के लिए क्या किया।

प्रदेश प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि यदि उनके पास किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार या अनियमितता के ठोस प्रमाण हैं तो वे उसे सार्वजनिक करें और संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष शिकायत दर्ज कराएं। बिना प्रमाण के गंभीर आरोप लगाना विपक्ष के नेता को शोभा नहीं देता। कांग्रेस सरकार और अधिकारियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कानून के अनुसार काम करने की पूरी स्वतंत्रता देने के पक्ष में है।

ऋषिकेश सिंह ने तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा के पास रांची में मेयर, डिप्टी मेयर, विधायक और सांसद सब कुछ होने के बावजूद यदि शहर की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया, तो भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अपनी नाकामी की जिम्मेदारी लें। जनता को गुमराह करने के बजाय भाजपा को आत्ममंथन करना चाहिए। यदि काम करने की क्षमता नहीं है तो पद से इस्तीफा देकर जनता को रास्ता दिखाएं, क्योंकि रांची की जनता अब खोखले आरोप, राजनीतिक ड्रामा और जिम्मेदारी से भागने की राजनीति स्वीकार करने वाली नहीं है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।