तमिलनाडु के नेताओं ने इमानुअल सेकरनार की 69वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

तमिलनाडु के नेताओं ने इमानुअल सेकरनार की 69वीं पुण्यतिथि पर परमक्कुडी स्मारक पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और सामाजिक न्याय, समानता तथा वंचितों के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को याद किया।

Razi Ahmad
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परमक्कुडी (तमिलनाडु): तमिलनाडु के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी इमानुअल सेकरनार की 69वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

रामनाथपुरम जिले के परमक्कुडी स्थित सेकरनार के स्मारक पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तरफ से राज्य के मंत्रियों सी.टी. निर्मल कुमार और के.जी. अरुणराज ने पुष्पचक्र अर्पित किए।

मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सेकरनार को एक ऐसा वीर शहीद बताया, जिन्होंने देश की आजादी और सामाजिक असमानताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

उन्होंने कहा, ‘‘आइए आज के दिन समानता और स्वाभिमान से भरे समाज के निर्माण के लिए उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लें।’’

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पुष्पांजलि अर्पित की और ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सामाजिक असमानताओं के खिलाफ सेकरनार के साहस को याद किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘छोटी उम्र में ही स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले सेकरनार ने आजादी के बाद भी समानता और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष किया।’’

उन्होंने कहा कि सद्भाव से परिपूर्ण समाज के निर्माण के सेकरनार के आदर्श हमेशा याद किए जाते रहेंगे।

उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता सेनानी इमानुअल सेकरनार का जीवन और उनका बलिदान हमें अपने समाज में एकता और भाईचारा मजबूत करने के लिए हमेशा प्रेरित करता रहेगा।”

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने वंचित समुदायों के शैक्षणिक, आर्थिक और समान अधिकारों के लिए सेकरनार के जीवनभर के संघर्ष को याद किया।

उन्होंने सेकरनार की विरासत को मजबूत करने के लिए पूर्ववर्ती राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया जिनमें उनकी जन्मशती को राजकीय समारोह के रूप में मनाना और पिछले वर्ष परमक्कुडी में उनकी कांस्य प्रतिमा के साथ स्मारक का उद्घाटन करना शामिल हैं।

अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने सेकरनार को छुआछूत खत्म करने के लिए संघर्ष करने वाले और वंचितों के लिए आवाज उठाने वाली शख्सियत के रूप में याद किया।

उन्होंने सेकरनार के कम उम्र में ही ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह करने, भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल जाने और सैन्य सेवा में योगदान को रेखांकित किया।

अन्नाद्रमुक की ओर से पूर्व मंत्री आर. बी. उदयकुमार ने परमक्कुडी स्थित स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष माणिकम टैगोर ने अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ सेकरनार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें दृढ़ राष्ट्रवादी और समाज सुधारक बताया, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से कभी पीछे नहीं हटे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने भी परमक्कुडी स्थित स्मारक पर पहुंचकर सेकरनार को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।