
रांची: राजधानी रांची में लगातार नीचे गिरते भूगर्भ जलस्तर की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने एक नई और कारगर योजना पर काम शुरू किया है। इस पहल के तहत शहर के सभी खराब पड़े चापाकल और सरकारी बोरिंग को अब ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे बारिश के पानी को सीधे जमीन के अंदर पहुंचाकर जल रिचार्ज किया जा सके। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने जलापूर्ति शाखा के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संवर्धन, जल सुरक्षा और सतत शहरी विकास के लिए बेहद जरूरी कदम है।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन करते हुए तीन दिनों के भीतर नगर निगम क्षेत्र के सभी खराब चापाकल और सरकारी बोरिंग की सर्वे रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इस सर्वे के आधार पर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर इन जल स्रोतों को वर्षा जल संचयन प्रणाली से जोड़ा जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि नगर निगम अब तक शहर के 85 स्थलों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कर चुका है, जबकि अब 154 नए स्थलों का चयन किया गया है। निगम का लक्ष्य इन सभी चिन्हित स्थानों और बंद पड़े बोरिंगों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा बारिश का पानी भूगर्भ में पहुंचाना है, ताकि आने वाले समय में शहरवासियों के लिए जल संकट को दूर किया जा सके।

