पटना के इस बड़े अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव महिला से गैंगरेप, मां ने बेटी को सुनाई आपबीती

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पटना: बिहार की राजधानी पटना से एक शर्मनाक मामला सामने आया है।

यहां के एक बड़े अस्पताल के आईसीयू में कोरोना से जंग लड़ रही महिला से गैंगरेप का आरोप लगा है।

बताया जाता है कि अस्पताल के तीन से पांच कर्मचारियों ने ही महिला से रेप किया है।

महिला के बयान का वीडियो बनाकर बेटी ने फेसबुक पर डाला तो खलबली मच गई।

पुलिस ने अभी वारदात की पुष्टि नहीं की है। पुलिस की ओर से सिर्फ इतना कहा गया है कि जांच जारी है।

पटना के पारस हास्पिटल में वारदात को अंजाम दिया गया है।

कोरोना संकर्मित महिला कई दिनों से यहां भर्ती है। गंभीर हालत में उसका इलाज आईसीयू में चल रहा है।

आरोप है कि महिला से अस्पताल के ही कर्मचारियों ने रेप किया।

आईसीयू में महिला से मिलने पहुंची बेटी को मां ने जब लड़खड़ाती जबान में आपबीती सुनाई तो उसके होश उड़ गए। बे

टी ने तत्काल अपना मोबाइल निकाला और मां की बातों का वीडियो भी बनाया।

महिला के बयान का वीडियो सोशल मीडिया से होते हुए अस्पताल प्रबंधन से लेकर प्रशासनिक हलके में पहुंचा तो हड़कंप मच गया।

फिलहाल इस मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

मां से मिलने पहुंची तो देखा मां का बंधा हुआ था हाथ-पैर

पीड़ित महिला की बेटी के अनुसार जब वह मां से मिलने पहुंची तो उसकी मां का हाथ-पैर बंधा हुआ था।

जब वहां के कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि उसकी मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

हालांकि मां ने गलत होने की बात बताई। पीड़िता को 15 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने रखा अपना पक्ष

वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आईसीयू में इलाज के दौरान एक मरीज के रिश्तेदार द्वारा बदसलूकी का आरोप लगाया गया है।

आंतरिक जांच में पाए गए तथ्यों के आधार हम आरोपों का खंडन करते हैं।

हालांकि, पुलिस जांच कर रही है और हमने जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। बिल्कुल गलत आरोप है। वहां 24 मरीज हैं। कुछ स्टाफ भी रहते हैं।

इस मामले को लेकर शास्त्रीनगर थानेदार ने कहा कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

फिलहाल पुलिस गैंगरेप होने की पुष्टि नहीं कर रही। इस मामले छानबीन की जा रही है।

जांच टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इस पूरे मामले को बेबुनियाद और झूठा बताया है।

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