रांची : राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के करोड़ों रुपये के गबन मामले में एक बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार, केंद्र सरकार से मिले 11 करोड़ रुपये से अधिक के फंड में से कुल 6.97 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। इसमें से 4.16 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मुख्य आरोपी प्रमोद कुमार सिंह, उसके परिजनों और दोस्तों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच के दौरान उन सभी खातों का ब्योरा जुटा लिया है, जिनमें गबन के पैसे ट्रांसफर किए गए थे।

प्रमोद कुमार सिंह की जमानत याचिका के मामले में एसीबी ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कई अहम खुलासे किए हैं। इसमें बताया गया है कि आरोपी प्रमोद कुमार सिंह संविदा के आधार पर ब्लॉक अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वह निकासी एवं व्ययन अधिकारी के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ मिलकर काम देख रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी ने आरोपी प्रमोद को 6 फरवरी 2026 को न्यायिक हिरासत में लिया था। एसीबी के अलावा इस घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी अलग से कर रही है। हालांकि एनआरएचएम घोटाले से जुड़े धनबाद एसीबी थाने में वर्ष 2019 में दर्ज मूल मामले में प्रमोद सिंह को जमानत मिल चुकी है, लेकिन एसीबी द्वारा आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किए जाने के साथ-साथ ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया गया है।


