रांची : पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्री राधाष्टमी महोत्सव के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पंचम दिवस बुधवार को भक्ति, वात्सल्य और आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिला।

वृंदावन की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका साध्वी गोपिका ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण और विस्तारपूर्वक वर्णन किया।साध्वी गोपिका ने कथा के क्रम में श्रीकृष्ण बाल लीला, माखन चोरी, दामोदर लीला एवं गोचरण लीला के प्रसंग सुनाए।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि प्रेम, वात्सल्य, सरलता और निष्कपट भक्ति का संदेश देती हैं।

माखन चोरी के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि भगवान अपने भक्तों के हृदय रूपी मटकी में छिपे प्रेम को स्वीकार करते हैं।दामोदर लीला का वर्णन करते हुए साध्वी गोपिका जी ने माता यशोदा के वात्सल्य भाव को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा भक्त के प्रेम और वात्सल्य के आगे स्वयं को बांध लेते हैं।
वहीं गोचरण लीला में भगवान श्रीकृष्ण के ग्वाल-बालों एवं गौमाता के प्रति प्रेम का सुंदर चित्रण किया गया। कथा के दौरान विभिन्न प्रसंगों पर प्रस्तुत सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बाल स्वरूप में श्रीकृष्ण की मनोहारी झांकी देखकर पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। साध्वी गोपिका ने श्री राधा रानी एवं श्रीकृष्ण के सुमधुर भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी तथा श्रीकृष्ण भक्ति के मधुर भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे। मंदिर परिसर राधे-राधे एवं जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंजता रहा।
इस अवसर पर श्री राधा रानी श्यामा जी का जड़ित आभूषणों से आकर्षक एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। कथा के समापन पर सामूहिक आरती की गई तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कथा के पश्चात साध्वी गोपिका जी का जन्मदिवस भी श्रद्धा एवं आनंद के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं और ट्रस्ट के सदस्यों ने उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ, सुखमय एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस गोवर्धन लीला, मथुरा गमन, कालिया नाग दमन एवं दिव्य महारास के प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित हो रही है।
इस अवसर पर डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, विजय अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, नंदकिशोर चौधरी, अंजनी अग्रवाल, सुरेश भगत, संजय सर्राफ, निर्मल छावनिका, ज्ञान प्रकाश शर्मा, विष्णु सोनी, मनीष सोनी, विशाल जालान,विद्या देवी अग्रवाल, बिमला जालान, सुनीता अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, दीक्षा अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, सुमन चौधरी, रमा देवी डोकानिया, आशा मुंजाल, अमिता जालान, दीपिका मोतिका, नीलम गोयल, नंदरानी पाठक, आशा सिंह, उषा मोदी, ललिता पोद्दार, किरण पोद्दार, शोभा अग्रवाल, इंदू पोद्दार, लाल देवी, किरण बरनवाल, सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।


